छत्तीसगढ़ में डिफेंस सेक्टर को मिलेगी नई पहचान: बिलासपुर में आर्मी कैंट और युवाओं के लिए वृहत भर्ती रैली का रास्ता साफ़!
रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के रक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर राज्य में रक्षा उद्योगों के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने पर विशेष चर्चा की। इस बैठक के बाद बिलासपुर के चकरभाटा में लंबे समय से अटकी डिफेंस फैक्ट्री (या आर्मी कैंट) की परियोजना को लेकर एक बार फिर सक्रियता बढ़ गई है।

चकरभाटा की 1171 एकड़ भूमि पर डिफेंस पार्क का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री साय ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का ध्यान बिलासपुर के चकरभाटा में स्थित उस ज़मीन की ओर आकर्षित किया, जो राज्य सरकार ने वर्ष 2012 में सेना को सौंपी थी।
- सीएम साय ने आग्रह किया कि सेना के पास निष्क्रिय पड़ी इस 1171 एकड़ भूमि का उपयोग रक्षा उत्पादन से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों, अनुसंधान केंद्रों या उपकरण निर्माण पार्कों की स्थापना के लिए किया जाए।
- सीएम ने तर्क दिया कि बिलासपुर रेल और हवाई मार्ग से जुड़ा होने के कारण यह जगह रक्षा पार्क के लिए उपयुक्त है। राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर इस पार्क को विकसित करने को तैयार है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे, और छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय रक्षा उत्पादन मानचित्र पर अपनी पहचान बना सकेगा।
- सीएम ने बिलासपुर या बस्तर क्षेत्र में सेना प्रशिक्षण केंद्र या स्थायी कैंप स्थापित करने पर भी ज़ोर दिया।
बस्तर में विशेष सेना भर्ती रैली का आश्वासन
मुख्यमंत्री साय ने रक्षा मंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़, विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के युवाओं में सेना में भर्ती होने का गहरा उत्साह है।
- उन्होंने बस्तर के शारीरिक रूप से सक्षम, अनुशासित और देशभक्ति से ओतप्रोत युवाओं को मौका देने के लिए क्षेत्र में एक विशेष सेना भर्ती रैली आयोजित करने का अनुरोध किया।
- राजनाथ सिंह ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए बस्तर में शीघ्र ही सेना भर्ती रैली आयोजित करने का आश्वासन दिया।
नौसैनिक पोतों का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर
मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान एक अनूठा और प्रतीकात्मक सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ इंद्रावती और महानदी राज्य की सांस्कृतिक आत्मा हैं।
अनोखा सुझाव: सीएम ने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों (जहाजों) को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर रखा जा सकता है।
सकारात्मक प्रतिक्रिया: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस विचार को प्रतीकात्मक रूप से सुंदर बताते हुए कहा कि यह भारत की विविधता और एकता को दर्शाता है। उन्होंने इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
सीएम साय ने इस दौरान रक्षा मंत्री को राज्य की नई औद्योगिक नीति के बारे में भी जानकारी दी, जिसका उद्देश्य रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से संबंधित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देना है। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू भी बैठक में उपस्थित थे।



