25th State Level School Sports Competition: Bastar and Durg divisions hoisted the flag of victory in softball
क्रिकेट, खो-खो और वॉलीबॉल में भी खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

रायगढ़, रायगढ़ में जारी 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में दूसरे दिन खिलाड़ियों के रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों का उत्साह दोगुना कर दिया। यह प्रतियोगिता 05 से 08 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के पांच संभागों से चयनित खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।सॉफ्टबॉल स्पर्धा के बालक 19 वर्ष वर्ग में दुर्ग संभाग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं रायपुर संभाग द्वितीय और बिलासपुर संभाग तृतीय स्थान पर रहा। दूसरे दिन क्रिकेट का पहला लीग मैच में दुर्ग और बस्तर संभाग आमने-सामने थे। दुर्ग ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया और 80 रन का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बस्तर की टीम मात्र 23 रन पर सिमट गई। इस प्रकार दुर्ग ने 57 रनों से जीत दर्ज की। दूसरे लीग मैच में सरगुजा और बिलासपुर के बीच मुकाबला हुआ। सरगुजा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और 15 ओवर में 85 रन बनाए। बिलासपुर संभाग लक्ष्य तक नहीं पहुँच सका और 71 रन पर ऑल आउट हो गया। सरगुजा ने यह मैच 15 रनों से जीत लिया।
खो-खो बालक 17 वर्ष लीग मैच अंतर्गत बस्तर बनाम रायपुर में 17-13 से बस्तर विजेता रही। बस्तर बनाम दुर्ग में 25-14 से बस्तर विजेता बनी। रायपुर बनाम सरगुजा में 22-7 से रायपुर विजेता रही। खो-खो बालिका 17 वर्ष के लीग मैच अंतर्गत बिलासपुर बनाम सरगुजा में बिलासपुर 20-2 से विजेता रही, रायपुर बनाम बस्तर में बस्तर 18-2 से विजेता रही। बस्तर बनाम दुर्ग में बस्तर 14-11 से विजेता रही। रायपुर बनाम सरगुजा में रायपुर 15-5 से विजेता रही, वॉलीबॉल बालक 14 वर्ष के लीग मैच में रायपुर बनाम दुर्ग में रायपुर 2-0, बिलासपुर बनाम बस्तर में बस्तर 2-0, रायपुर बनाम सरगुजा में रायपुर 2-1 से विजेता रही। वॉलीबॉल बालिका 14 वर्ष वर्ग में बस्तर और सरगुजा ने दिखाई ताकत, बस्तर बनाम रायपुर में बस्तर 2-0, बिलासपुर बनाम सरगुजा में बिलासपुर 2-0, बस्तर बनाम दुर्ग में बस्तर 2-0, सरगुजा बनाम रायपुर में सरगुजा 2-0 जीत हासिल किया। प्रतियोगिता के दूसरे दिन खिलाड़ियों के अनुशासित खेल, टीम भावना और उत्साह ने माहौल को जोश से भर दिया। दर्शकों ने खिलाड़ियों की हर शानदार प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन किया।





