Home Blog ₹42,000 करोड़ का तोहफा! किसानों के लिए आ रहीं दो नई योजनाएँ

₹42,000 करोड़ का तोहफा! किसानों के लिए आ रहीं दो नई योजनाएँ

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केंद्र सरकार 11 अक्टूबर को दो बड़ी कृषि पहलें शुरू करने जा रही है—प्रधानमंत्री धन‑धान्य कृषि योजना और दलहन पर आत्मनिर्भरता अभियान—जिनका लाभ रबी सीजन से चरणबद्ध रूप में किसानों तक पहुँचेगा। समांतर रूप से पीएम‑किसान की अगली किस्त का इंतजार भी जारी है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों के नकदी प्रवाह को सहारा मिलेगा।

क्या लॉन्च होने वाला है

प्रधानमंत्री धन‑धान्य कृषि योजना: कम उत्पादकता वाले जिलों में सिंचाई, भंडारण, ऋण, गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीक और बाजार‑लिंक का समेकित पैकेज लागू होगा।

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दलहन पर आत्मनिर्भर योजना: दालों में आयात निर्भरता घटाने के लिए बीज, क्षेत्र और उत्पादकता बढ़ाने पर खास फोकस रहेगा।

वित्तीय दायरा और लक्ष्य

कुल 42,000 करोड़ रुपये से अधिक की घोषणाएँ चरणबद्ध परियोजनाओं के माध्यम से लागू की जाएँगी।दलहन मिशन का लक्ष्य 2030‑31 तक क्षेत्रफल को लगभग 275 से 310 लाख हेक्टेयर और उत्पादन को लगभग 242 से 350 लाख टन तक ले जाना है।

बीज और किट वितरण

ICAR और सार्वजनिक बीज संस्थाएँ दलहन के उन्नत/हाइब्रिड किस्मों के बीज तैयार करेंगी।प्रमाणित बीज का बड़े पैमाने पर वितरण और लाखों मिनी‑किट निःशुल्क दिए जाने की योजना है, जिससे रबी से ही उच्च‑अंकुरण और उपज में बढ़त मिले।प्राथमिकता पंजीकृत किसानों, एफपीओ/एसएचजी क्लस्टर और आकांक्षी जिलों के लक्षित ब्लॉकों को दी जा सकती है (राज्य निर्देशानुसार प्रक्रियाएँ भिन्न हो सकती हैं)।

प्रसंस्करण और वैल्यू‑चेन

लगभग 1000 प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना/उन्नयन के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तक की पूंजी सब्सिडी का प्रावधान प्रस्तावित है।लाभार्थी प्रोफाइल में एफपीओ, सहकारी समितियाँ, महिला‑समूह, ग्राम्य उद्यम और कृषि‑स्टार्टअप शामिल हो सकते हैं; डीपीआर, बैंक ऋण स्वीकृति और तकनीकी मानकों के आधार पर स्वीकृति दी जाएगी।

पीएम धन‑धान्य कृषि योजना का ढाँचा

11 मंत्रालयों/विभागों की 30‑36 योजनाओं को एकीकृत कर एक जिला‑केंद्रित क्रियान्वयन मॉडल बनाया जाएगा।चयनित जिलों में सिंचाई दक्षता, फसल‑विविधीकरण (खासतौर पर दाल‑तिलहन), भंडारण/कोल्ड‑चेन, किसान‑क्रेडिट, बीमा और डिजिटल एग्री सेवाएँ समेकित रूप से पहुँचेंगी।कार्यक्रम का लाइव प्रसारण कृषि विज्ञान केंद्रों, आईसीएआर संस्थानों, मंडियों और किसान समृद्धि केंद्रों तक किया जाएगा, जिससे व्यापक जन‑जागरूकता बने।

पीएम‑किसान संदर्भ

पात्र किसानों के लिए 6,000 रुपये वार्षिक डीबीटी (2,000‑2,000 की तीन किस्तें) जारी रहती हैं; e‑KYC, आधार‑बैंक सीडिंग और भू‑अभिलेख सत्यापन अद्यतन रखना आवश्यक है।स्थिति जाँच, लाभार्थी सूची और सुधार हेतु आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन और सीएससी केंद्र उपयोगी माध्यम हैं।

किसानों के लिए तुरंत उपयोगी कदम

स्थानीय कृषि विभाग/केवीके/सीएससी से रबी दलहन मिनी‑किट और प्रमाणित बीज वितरण की तिथियाँ और पात्रता की पुष्टि करें।एफपीओ/समूह के रूप में प्रसंस्करण यूनिट के लिए जिले के उद्योग/कृषि कार्यालय से मार्गदर्शिका, DPR फॉर्मैट और बैंक‑लिंक जान लें।पीएम‑किसान e‑KYC, बैंक खाते, भू‑दस्तावेज और मोबाइल नंबर अद्यतन रखें ताकि किस्त/योजनाओं का लाभ समय से मिले।रबी फसलों के लिए स्थानीय सिफारिशी जातियाँ, बीज‑उपचार, समय पर बोनी और नमी प्रबंधन अपनाएँ; इससे एमएसपी/बाज़ार‑दरों पर वास्तविक आय बढ़ेगी।

 

https://x.com/AgriGoI/status/1976220553255047510?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1976220553255047510%7Ctwgr%5E214246f4fd5d725db924d07301cb2ee5a99893cf%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fnavbharattimes.indiatimes.com%2Fgovernment-schemes%2Fcentral%2Fpm-modi-will-launch-42000-crore-schemes-for-farmers-on-11-october-amid-waiting-of-pm-kisan-samman-nidhi-21st-kist%2Farticleshow%2F124408594.cms

 

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