With the appointment of teachers from DMF, schools have become vibrant again; 118 lecturers, 109 teachers and 243 assistant teachers have been appointed.
रायपुर / कोरबा जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से बड़ी पहल की गई है। इस योजना के तहत हायर सेकेंडरी विद्यालयों में 118 लेक्चरर, माध्यमिक शालाओं में 109 शिक्षक और प्राथमिक शालाओं में 243 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।

इससे शिक्षकों की कमी से प्रभावित विद्यालयों में अब अध्यापन व्यवस्था नियमित हो गई है। पचरा, श्यांग, कटमोरगा जैसे सुदूर गांवों के विद्यालयों में सभी विषयों की कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। नई नियुक्तियों से जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, वहीं स्थानीय शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
कलेक्टर श्री अजय अग्रवाल के निर्देशन में यह प्रक्रिया पारदर्शिता और पात्रता के आधार पर पूरी की गई। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों जैसे पहाड़ी कोरवा और बिरहोर समाज के पात्र अभ्यर्थियों को भी प्राथमिकता दी गई है, जिससे उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता मिली है। जिले में शिक्षकों के साथ-साथ 310 भृत्यों की नियुक्ति भी की गई है, डीएमएफ निधि से कार्यरत शिक्षकों के मानदेय में भी इस सत्र से वृद्धि की गई है हायर सेकेंडरी व्याख्याताओं को 15,000 रूपए, मिडिल स्कूल शिक्षकों को 13,000 रूपए, प्राथमिक शिक्षकों को 11,000रूपए और भृत्यों को 8,500 रूपए मासिक मानदेय मिलेगा।



