Prime Minister Narendra Modi released a ‘coffee table book’: a document of Chhattisgarh’s development journey and ‘Modi’s guarantee’.
नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘कोसा कॉफ़ी टेबल बुक’ का विमोचन किया। जनसंपर्क विभाग का यह विशेष प्रकाशन प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में हुए जन-कल्याणकारी कार्यों और विकास यात्रा का विस्तृत दस्तावेज़ प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी के अंतर्गत पूरे हुए विकास कार्यों का प्रमाण है। इसमें उन योजनाओं और पहल का समावेश है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर विश्वास, विकास और पारदर्शिता का नया अध्याय लिखा है।
‘मोदी की गारंटी’ — विकास के सशक्त उदाहरण
‘कॉफी टेबल बुक’ में प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गरीब परिवारों को मिले आवास, किसानों को दी गई धान बोनस राशि, कृषक उन्नति योजना के तहत हुए कृषि सुधार, तथा लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली में लायी गई पारदर्शिता जैसे अनेक जनहितकारी सुधारों का विस्तारपूर्वक विवरण शामिल है।
जन-कल्याण से सुशासन तक की यात्रा
‘कॉफ़ी टेबल बुक’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं – जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, हर घर जल मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, और डिजिटल प्रशासनिक सुधार – के माध्यम से छत्तीसगढ़ में आए सकारात्मक परिवर्तनों को चित्रों और आँकड़ों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
राज्य की प्रगति का जीवंत चित्रण
यह पुस्तक न केवल योजनाओं की जानकारी देती है, बल्कि यह बताती है कि किस प्रकार केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से आम नागरिकों का जीवन बदला है। ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के अवसर, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और प्रशासनिक पारदर्शिता के क्षेत्र में हुए कार्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह ‘कॉफी टेबल बुक’ छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि यह राज्य की 25 वर्ष की उपलब्धियों और प्रधानमंत्री श्री मोदी की विकासोन्मुख दृष्टि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के सपने की प्रेरणा बनेगी।



