A grand Matar Festival was held in Khokhli village – a symbol of faith, folk tradition and social unity.
सौरभ बरवाड़/भाटापारा– खोखली ग्राम में आज श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में मातर महोत्सव का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का परिचय दिया।

मातर महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, लोक संस्कृति और सामुदायिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। यादव समाज द्वारा आयोजित इस महोत्सव में समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौ-सेवा की भावना और पारंपरिक मूल्यों का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में यादव समाज सहित क्षेत्र के अनेक समाजों के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन को और भी विशेष व ऐतिहासिक बना दिया। संपूर्ण वातावरण भक्ति, उमंग और सामाजिक एकता के रंगों से सराबोर रहा।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा —
“मातर महोत्सव हमारी भारतीय संस्कृति, गौ-सेवा और लोक परंपराओं का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं। भगवान कृष्णचंद्र की कृपा सभी पर बनी रहे, सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो — यही हमारी कामना है।”
मातर महोत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जब समाज अपनी परंपराओं और संस्कारों से जुड़ता है, तो संस्कृति और एकता का प्रकाश पूरे समुदाय को आलोकित कर देता है।
साथ मे सरपंच आशीष चतुर्वेदानी, पूर्व सरपंच राजू यादव,राजकुमार यादव,उपसरपंच बंसी यादव जी, पूर्व सोसाइटी अध्यक्ष पुरशोत्तम ध्रुव विजय यादव , ईश्वर यादव
दुखु यादव , भुला यादव उपस्थित रहे।



