The Collector listened to the problems of the common people in the public hearing and gave instructions for their quick and quality resolution.
रायगढ़, जिला कलेक्टोरेट परिसर में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे आमजनों की समस्याएं, शिकायतें और मांगें सुनीं। उन्होंने प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन में ग्राम पंचायत कोड़ातराई के ग्रामीणों ने ग्राम कोड़ातराई से गोहड़ीडीपा मार्ग के अत्यधिक जर्जर होने की समस्या बताई और सड़क मरम्मत तथा सीसी रोड निर्माण की मांग रखी। कलेक्टर ने जनहित को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने निर्देशित किया। ग्राम-टूरटूरा की सावित्री भुइया ने बताया कि वह पैर से दिव्यांग हैं और चलने में असमर्थ हैं। उन्होंने दिव्यांग पेंशन स्वीकृति की मांग की। इस पर कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने समाज कल्याण विभाग को संवेदनशीलता के साथ तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। शाला प्रबंधन एवं विकास समिति, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बर्रा के अध्यक्ष ने व्याख्याता सूरज लाल राठिया द्वारा शराब सेवन कर विद्यालय आने की शिकायत प्रस्तुत की, जिस पर कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

विजयपुर के सुंदरलाल उरांव ने अपने हक की भूमि का सीमांकन की मांग की। वहीं, ग्राम बायसी के दीनदयाल राठिया ने भारतमाला परियोजना और रेलवे लाइन निर्माण कार्य से भूमि प्रभावित होने पर उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग रखी। ग्राम कोतरा की रामबाई और दुर्गेश्वरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। महापल्ली की शांति चौहान ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की मांग की। ग्राम बुनगा के चिंतामणि साहू ने नक्शा बटांकन और किसान किताब संबंधी समस्या रखी, वहीं खजरी ढाप के छबील यादव ने राशन कार्ड में ई-केवाईसी अपडेट की मांग की। इसी प्रकार जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने भी अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सभी आवेदनों पर प्राथमिकता से जांच कर, नियमानुसार त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं के निराकरण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरती जाए, ताकि शासन की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक शीघ्र पहुँचे।



