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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वृहद गृह संपर्क अभियान, नवंबर माह में हर हिंदू घर तक पहुंचेगा ‘संघ का संदेश’

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Rashtriya Swayamsevak Sangh’s massive door-to-door campaign, ‘Sangh’s message’ will reach every Hindu home in the month of November

शताब्दी वर्ष (1925–2025) के उपलक्ष्य में राष्ट्र जागरण का अभियान, 6 नवंबर से 30 नवंबर तक पूरे देश में संघ कार्यकर्ता करेंगे गृह संपर्क

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रायगढ़
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) इस वर्ष अपने शताब्दी वर्ष के अंतर्गत एक वर्षव्यापी कार्यक्रम श्रृंखला मना रहा है। संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयदशमी के दिन हुई थी, और अब इसके 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक देशभर में विविध आयोजन हो रहे हैं।

शताब्दी वर्ष के प्रारंभ में 2 अक्टूबर को पूरे भारतवर्ष में भव्य विजयदशमी उत्सव मनाया गया। रायगढ़ सहित देश के सभी नगरों में संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासन और देशभक्ति का प्रदर्शन करते हुए वृहद पथ संचलन किया, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सहभागिता रही।

नवंबर माह में वृहद गृह संपर्क अभियान

संघ के शताब्दी वर्ष की योजनाओं की अगली कड़ी में अब नवंबर माह में गृह संपर्क अभियान शुरू होने जा रहा है। यह अभियान 6 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा। इस अवधि में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता घर-घर जाकर हिंदू समाज के प्रत्येक परिवार से संपर्क करेंगे।इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है । प्रत्येक हिंदू परिवार को संघ की विचारधारा, उद्देश्य और राष्ट्रहित के कार्यों से अवगत कराना। समाज में सामाजिक एकता, समरसता और राष्ट्रभावना को सशक्त करना। माँ भारती का छाया चित्र और संघ साहित्य का प्रत्येक घर में वितरण कर राष्ट्रनिष्ठा का संदेश पहुँचाना।

“संपर्क से समरसता” – समाज के हर वर्ग तक पहुँचने की पहल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मानना है कि समरस समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। इसी भावना के तहत कार्यकर्ता इस अभियान के दौरान हर जाति, वर्ग और क्षेत्र के परिवारों तक जाएंगे, संवाद स्थापित करेंगे और एकता का संदेश देंगे। बताया जा रहा है कि इस अभियान के माध्यम से हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रप्रेम की भावना को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।

शताब्दी वर्ष – राष्ट्रनिर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक संकल्प

संघ की स्थापना से अब तक का सफर देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक रहा है। शताब्दी वर्ष का हर आयोजन इस बात को रेखांकित करता है कि “एक संगठित समाज ही एक मजबूत राष्ट्र की पहचान है।”

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