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राज्य के सभी जिलों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला जारी

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The process of purchasing paddy at the support price continues in all the districts of the state.

अब तक 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान की हुई खरीदी

Ro.No - 13672/140

सहकारी कर्मचारियों के हड़ताल का कोई प्रभाव नही

18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान खरीदा गया

केन्द्रों में धान खरीदी की व्यवस्था से प्रसन्न है किसान

रायपुर, राज्य के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के अनवरत रूप से जारी है। धान खरीदी शुरू हुए अभी चार दिन ही हुए है, इसके बावजूद भी राज्य के उपार्जन केंद्रों में धान की आवक तेजी से होने लगी है। सहकारी समिति के कर्मचारियों के हड़ताल के बावजूद भी पूरे राज्य में धान खरीदी अप्रभावित है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। आज 18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान की खरीदी किसानों से समर्थन मूल्य पर की गई। बीते 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के तहत अब तक राज्य में कुल 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जिसमें 3 लाख 4 हजार 512 क्विंटल मोटा धान, 2 लाख 1 हजार 174 क्विंटल पतला तथा 2 लाख 22 हजार 317 क्विंटल सरना धान शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के सभी 2739 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा हेतु पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो। धान उपार्जन के समानांतर किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। इस साल धान खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी दी है, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य के भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाएं।

खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। 18 नवंबर की स्थिति में 1155 उपार्जन केन्द्रों में किसानों ने अपना धान बेचा है। बेमेतरा जिले में सर्वाधिक 97698.8 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जबकि राजनांदगांव जिले ने 92390.4 क्विंटल और रायपुर जिले ने 83299.2 क्विंटल धान का उपार्जन कर राज्य में धान खरीदी के मामले में क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर है। खाद्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 18 नवंबर तक बस्तर जिलें में 395.6 क्विंटल बीजापुर में 155.2 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 6.4 क्विंटल, कांकेर में 754.8, कोण्डागांव में 5351.2, नारायणपुर में 7.2, सुकमा में 24.4, बिलासपुर में 4050.4, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 6668.4, जांजगीर चांपा में 67.6, कोरबा में 396.8, मुंगेली में 8806.8, रायगढ़ में 3949.6, सक्ती में 48, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3922.8, बालोद में 70197.2, बेमेतरा में 97698.8, दुर्ग में 73033.6, कवर्धा में 22252.4, राजनांदगांव में 92390.4, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई में 50926, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी में 3214, बलौदाबाजार में 60551.2, धमतरी में 75660.8, गरियाबंद में 28674.4, महासमुंद में 23388.8, रायपुर में 83299.2, बलरामपुर में 1490.4, जशपुर में 248, कोरिया में 4200, सरगुजा में 645.2, सूजरपुर में 3415.2, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1513.6 क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया। जिलों से मिली रही सूचना के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की चॉक-चौबंद व्यवस्था को लेकर किसान प्रसन्न है। उन्हें उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए न तो इंतजार करना पड़ रहा है, न ही धान तौलाई में किसी भी तरह की दिक्कत हो रही है।

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