Chhattisgarh receives three National Water Awards for its remarkable work in the field of water conservation.
छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ पंचायत और सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में मिला सम्मान

छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति के हाथों छत्तीसगढ़ को मिला पुरस्कार
जल संचय, जन भागीदारी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ को मिला द्वितीय पुरस्कार, रायपुर नगर निगम ने मारी बाजी
नई दिल्ली, – जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ को विभिन्न श्रेणियों में तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। जल संचय, जन भागीदारी श्रेणी में भी छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वहीं, नगरीय निकाय श्रेणी में रायपुर नगर निगम को प्रथम स्थान मिला है। इसके अलावा पूर्वी जोन के जिलों में विभिन्न श्रेणियों में बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर एवं रायगढ़ को भी जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड से सम्मानित किया गया।
विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने यह पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर केंद्रीय जलमंत्री श्री सीआर पाटिल भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले राष्ट्रीय जल पुरस्कारों पर सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा यह सम्मान राज्य में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के प्रति हमारी निरंतर मेहनत का परिणाम है।
केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आज छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला, कांकेर जिले की डूमरपानी ग्राम पंचायत को श्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान तथा रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल को सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में सम्मानित किया गया।
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा एक नई पहल शुरू की है, जल संचय, जन भागीदारी। इसके तहत भी इस वर्ष पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। छत्तीसगढ़ से जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। वहीं, नगरीय निकाय श्रेणी में रायपुर नगर निगम को देश में प्रथम स्थान मिला है। निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा पूर्वी जोन के जिलों में विभिन्न श्रेणियों में बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर एवं रायगढ़ को भी जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड से सम्मानित किया गया।
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण और प्रबंधन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय जल पुरस्कार (एनडब्ल्यूए) की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से लोगों को जल के महत्त्व से अवगत कराने और उन्हें बेहतर जल उपयोग पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
राष्ट्रीय जल पुरस्कार व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा पूरे देश में जल संरक्षण, जल प्रबंधन और ‘जल समृद्ध भारत’ के सरकार के विज़न को साकार करने के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को सम्मानित किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देना, जागरूकता फैलाना और समाज को जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है।
“छत्तीसगढ़ को एक साथ तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार तथा ‘जल संचय–जन भागीदारी’ श्रेणी में उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय स्थान मिलना हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि हमारे किसानों, पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, नगरीय निकायों, जल संसाधन विभाग, समाज के जागरूक नागरिकों और जनभागीदारी से आगे बढ़े जल संरक्षण जनआंदोलन का प्रतिफल है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के हाथों यह सम्मान मिलना हमारे प्रयासों को और सशक्त करता है। छत्तीसगढ़ सरकार जल संसाधनों के संरक्षण, पुनर्भरण और सतत प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘जल समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प को तेज गति से आगे बढ़ा रही है।” — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय



