Flag hoisting at Raghavendra Dham Ram Temple on the occasion of Sri Ram-Sita Vivah Panchami
रायगढ़ में भक्तिमय उल्लास, जनकपुरधाम की परंपरा का दिव्य स्पंदन

रायगढ़। जनकपुरधाम की समृद्ध परंपरा और भगवान श्रीराम–माता सीता के पावन मिलन को समर्पित विवाह पंचमी का पर्व रायगढ़ में भी श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। विवाह पंचमी, जो विक्रमी संवत के अग्रहायण के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है, हिन्दू समाज में अत्यंत पवित्र और हर्षोल्लास से परिपूर्ण उत्सव माना जाता है।
इसी पावन अवसर पर रायगढ़ स्थित श्री राघवेन्द्र धाम राम मंदिर (बिरसा मुंडा शाखा) में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया, जहाँ मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कर सांस्कृतिक आस्था और देशहित का संदेश दिया गया। मंदिर परिसर में ध्वजारोहण के साथ जय श्रीराम के जयघोष गूंजे और वातावरण भक्तिमय हो उठा।
ध्वजारोहण के साथ देशहित का संकल्प
सेवा भारती ने बताया कि विवाह पंचमी के इस गौरवपूर्ण दिवस पर ध्वजारोहण केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, सामाजिक सौहार्द एवं भारतीय संस्कृति के उत्थान का एक संकल्प भी है।
ध्वजा-स्थापन को रामराज्य के आदर्शों—सत्य, सेवा, त्याग और कल्याण से प्रेरित एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।
जनकपुरधाम की परंपरा का स्मरण
विवाह पंचमी नेपाल के जनकपुरधाम में बड़े पैमाने पर मनाई जाती है, जहाँ स्वयंवर स्थल पर राम–सीता विवाह उत्सव का दिव्य आयोजन होता है। रायगढ़ में मनाया गया यह उत्सव जनकपुरधाम की उसी परंपरा का आध्यात्मिक स्वरूप लेकर आया, जिसने भक्तों को पवित्रता, मर्यादा और प्रेम की अनूठी अनुभूति कराई।
मंदिर परिसर में भक्तों की सहभागिता
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में ध्यान, विधि विधान से पूजा पाठ, हनुमान चालीसा पाठ और प्रसाद वितरण ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। लोगों ने इस दिन को राम–सीता विवाह के सुखद, मंगलमय और प्रेरणादायी संदेशों के साथ मनाया।
संस्कृति और राष्ट्र के प्रति जागरूकता का संदेश
सेवा भारती द्वारा आयोजित श्री राघवेन्द्र धाम परिवार ने कहा कि धार्मिक पर्व समाज में नैतिकता, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम का भाव जगाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
विवाह पंचमी के अवसर पर किया गया यह ध्वजारोहण आस्था के साथ देशहित की ओर उठाया गया एक सकारात्मक कदम है, जो समाज में एकता, समर्पण और परंपरा की महत्ता को पुनः स्थापित करता है।



