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जिले में अवैध धान परिवहन व भंडारण पर जिला प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई

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District administration takes swift action against illegal paddy transportation and storage in the district

कोचियों-बिचौलियों पर कसा शिकंजा, 56 प्रकरणों में 8 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त

Ro.No - 13672/140

धान के अवैध भण्डारण एवं परिवहन पर कार्रवाई से शासन को लगभग 2.50 करोड़ की बचत

चेक पोस्टों पर कड़ी निगरानी, धान के अवैध आवाजाही को रोकने जंगल के मार्गो को किया जा रहा सील

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर मैदानी अमला फील्ड पर मुस्तैदी से तैनात

अवैध धान परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने जिला प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग

रायगढ़,  जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर चल रही सतत मॉनिटरिंग के परिणाम स्वरूप अब तक 56 प्रकरणों में 8,000 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है, जिससे शासन की लगभग 2.50 करोड़ रुपये की आर्थिक हानि को रोका जा सका है।

अवैध धान के अंतर्राज्यीय एवं आंतरिक परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले में बनाए गए 25 चेकपोस्टों पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है। भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, तोलमा, हाटी, गोलाबुड़ा, टांगरघाट, बिजना, उर्दना, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारूमा और रीलो सहित सभी चेकपोस्टों पर तैनात टीमें सतत चेकिंग कर रही हैं। अनुविभागीय स्तर पर भी विशेष टीमें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। जंगल और वैकल्पिक मार्गों को भी सील कर दिया गया है, जिससे अवैध आवाजाही पर प्रभावी रोक लगी है। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अवैध धान भंडारण व परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

दो दिनों में 9 प्रकरण में 17 लाख रुपए से अधिक के 564 क्विंटल धान जब्त
अपर कलेक्टर एवं धान खरीदी के नोडल अधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने बताया कि 29 तथा 30 नवंबर को की गई कार्रवाई में राजस्व, मंडी एवं प्रशासनिक टीमों ने विभिन्न ग्रामों में औचक निरीक्षण कर 9 प्रकरणों में कुल 564 क्विंटल से अधिक धान जब्त किया। इनमें ग्राम लोइंग में सुरेश गुप्ता के यहां 80 क्विंटल, ग्राम छुहीपाली में सुखदेव पटेल के यहां 27.60 क्विंटल, ग्राम लारा के विष्णु चरण के यहां 24 क्विंटल, ग्राम कोड़पाली के रोहित बारिक के यहां 8 क्विंटल, ग्राम भकुर्रा की श्रीमती विमला यादव के यहां 22 क्विंटल, ग्राम पलगढ़ा के अशोक गवेल के वाहन में 28 क्विंटल, खरसिया के अनिश अग्रवाल के गोदाम में 160 क्विंटल, ग्राम कांदागढ़ के राजू के यहां 60 क्विंटल और ग्राम नवापारा-माण्ड में कुमार साहू के यहां 154.80 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। सभी मामलों में छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

धान खरीदी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए जिले में 105 उपार्जन केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 15 केंद्र संवेदनशील तथा 4 केंद्र अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। सभी केंद्रों में चेकलिस्ट के अनुरूप मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सक्रिय किया गया है। कॉल सेंटर द्वारा धान के उठाव, परिवहन और रीसाइक्लिंग पर सतत निगरानी की जा रही है। शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी है।

जिला स्तरीय जांच समिति गठित
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने धान खरीदी में पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय जांच समिति गठित की है। इसमें अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा, खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी कु. जान्हवी जिलहरे, उप आयुक्त सहकारिता श्री व्यास नारायण साहू, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक श्री एस. नारायण, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री एस.पी. सिंह शामिल हैं। समिति पूरी खरीदी प्रक्रिया की निगरानी सतत रूप से कर रही है।

किसानों के टोकन हेतु विशेष व्यवस्था
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भूमि धारिता आधारित टोकन व्यवस्था लागू है। किसान टोकन उपार्जन केंद्र से या टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप से प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने आग्रह किया है कि किसान धान पूरी तरह सुखाकर, 17 प्रतिशत से कम नमी के साथ ही लेकर आएं और साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका व आधार कार्ड अवश्य रखें।

धान खरीदी भुगतान में 96.27 प्रतिशत
सहकारिता विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 नवम्बर तक जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों में 1 लाख 78 हजार 310.40 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की जा चुकी है है। खरीदे गए धान के एवज में 4224.17 लाख रुपये भुगतान योग्य राशि निर्धारित की गई है, जिसमें से 4066.50 लाख रुपये का भुगतान किसानों के बैंक खातों में अंतरित कर दिया गया है। धान खरीदी व्यवस्था व्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हित में सुचारु रूप से जारी है।

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