Swadeshi Mela 2025-26: Bhoomi Pujan completed, grand fair to be held at Science College Ground from 18 to 25 December
रायपुर। भारतीय विपणन विकास केन्द्र द्वारा आयोजित होने वाला प्रतिष्ठित स्वदेशी मेला 2025-26 इस वर्ष 18 से 25 दिसंबर तक साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। मेले के आयोजन से पूर्व 1 दिसंबर की सुबह 9:30 बजे भूमि पूजन कार्यक्रम विधिवत सम्पन्न हुआ।

भूमि पूजन में गणमान्यजनों की उपस्थिति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय कैबिनेट मंत्री गुरु ख़ुशवंत सिंह साहब तथा महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित रहीं।
मेला संयोजक श्री केदारनाथ गुप्ता अपनी धर्मपत्नी के साथ भूमि पूजन में उपस्थित हुए। इसके अलावा सहसंयोजक श्री जसप्रीत सिंह सलूजा, स्वागत समिति अध्यक्ष आनंद सिंघानिया, स्वागत समिति सचिव अमरजीत सिंह छाबड़ा, प्रांत संयोजक स्वदेशी जागरण मंच जगदीश पटेल, प्रांत मेला प्रमुख अमर बंसल, प्रबंधक भारतीय विपणन विकास केंद्र सुब्रत चाकी, महिला मेला प्रमुख आरती दुबे, सह महिला प्रमुख सीमा शर्मा, एवं सामाजिक–सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्यजन सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्य सदस्य एवं समाजसेवी—
उमेश अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, युगबोध अग्रवाल, प्रवीण मैशेरी, डॉ. सलीम राज, शताब्दी पांडे, डॉ. इला गुप्ता, शीला शर्मा, इंदिरा जैन, विवेक बर्धन, सुधीर फौजदार, विनय शर्मा, बिहारी होतवानी, अश्विन प्रभाकर, दिग्विजय भाकरे, सुचित्रा बर्धन, निधि झा, शकुंतला श्रीवास, अर्चना भाकरे, उमा शुक्ला, रैहाना खान, सुनीता चंसोरिया, सुनीता पाठक, निशा संमदुलकर, अर्चना वोरा, सीमा कटंककार, खुशबू शर्मा, लक्ष्मी जीलहरे, सविता मौर्या, अंजलि देशपांडे, राजमोहन बाग, राहुल देव पंत देवेंद्र गुप्ता सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
350 से अधिक स्टॉल, अनेक प्रतियोगिताएँ
प्रबंधक सुब्रत चाकी ने बताया कि स्वदेशी मेला हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य स्वरूप में आयोजित होगा। मेले में
350 से अधिक स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे सुई से लेकर बड़े मशीनरी स्तर तक की वस्तुएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगी
प्रतिदिन मेहंदी, रंगोली, चित्रकला, समूह नृत्य सहित विभिन्न प्रतियोगिताएँ होंगी, हजारों प्रतिभागियों को मंच प्रदान किया जाएगा
विभिन्न राज्यों की संस्कृति और खान-पान होगा आकर्षण
मेले में छत्तीसगढ़ के साथ गुजरात, राजस्थान, पंजाब, ओडिशा, आंध्रप्रदेश तथा अन्य राज्यों की संस्कृति, लोक नृत्य और पारंपरिक भोजन के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। प्रतिदिन मंच पर लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ मेले की विशेष आकर्षण होंगी।
संगोष्ठियाँ भी होंगी आयोजित
मेले के दौरान समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों की संगोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें विषय विशेषज्ञ अपनी बातें रखेंगे।



