Nikshay Niramay Abhiyan: Effective implementation being done in the district
टीबी रोगियों को मिल रहा समय पर जांच, उपचार और योजनाओं का लाभ

संजय राठिया का हुआ सफल ईलाज, टीबी से मिली मुक्ति
रायगढ़, निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में टीबी रोगियों को समय पर जांच, उपचार और शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी कड़ी में विकासखण्ड घरघोड़ा के ग्राम-आमापाली निवासी 28 वर्षीय श्री संजय कुमार राठिया का योजना के तहत सफल इलाज किया गया। इससे उन्हें टीबी जैसे गंभीर बीमारी से मुक्ति मिल गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि उच्च शिक्षा के साथ-साथ छोटा-सा मार्केटिंग कार्य करने वाले संजय राठिया को कुछ समय से लगातार खांसी, शाम के समय बुखार, भूख में कमी, वजन घटना, शरीर में कमजोरी एवं थकान जैसी समस्याएं हो रही थीं। इसी दौरान निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ अभियान के तहत गांव में सर्वे कर रही मितानिन द्वारा उन्हें टीबी जांच कराने की सलाह दी गई।
मितानिन की सलाह पर संजय राठिया ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, घरघोड़ा में जांच कराई, जहां खून जांच, बलगम जांच एवं एक्स-रे के बाद उनके टीबी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। तत्पश्चात उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घरघोड़ा से टीबी उपचार प्रारंभ किया गया। विशेषज्ञों द्वारा उन्हें दवा सेवन की विधि और नियमित फॉलोअप के बारे में पूरी जानकारी दी गई। उपचार के दौरान संजय राठिया को 6 माह तक पूर्णतः निःशुल्क टीबी की दवाएं (डॉट्स पद्धति) उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही प्रतिमाह पोषण आहार के रूप में फूड बास्केट प्रदान की गई। शासन की निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत 1000 प्रतिमाह की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में जमा की गई। वहीं ट्रायबल एवं पहाड़ी क्षेत्र का मरीज होने के कारण उन्हें 750 रुपए की प्रोत्साहन राशि यात्रा भत्ते के रूप में भी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, संक्रमण की रोकथाम हेतु उनके परिवार के सदस्यों को भी टीपीटी (टीबी प्रिवेंशन थैरेपी) दवाएं उपलब्ध कराई गईं। टीबी उपचार पूर्ण होने के बाद 05 सितंबर 2025 को की गई जांच में संजय राठिया की रिपोर्ट टीबी नेगेटिव पाई गई। वर्तमान में वे पूर्णतः स्वस्थ हैं और टीबी उपचार एवं डॉट्स दवा के महत्व को लेकर लोगों को जागरूक करने का भी कार्य कर रहे हैं।



