All corporations, boards, and commissions under the Tribal Affairs Department will start functioning through e-office from January 1st: Principal Secretary Sonmani Bora
प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में आयोग बोर्ड एवं निगम के कार्यों एवं योजनाओं की हुई समीक्षा

प्रतिवेदनों को वेबसाइट में ई-बुक के रूप में अपलोड करने के निर्देश
रायपुर / आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज विभाग अंतर्गत अधीनस्थ सभी आयोग-बोर्ड एवं निगम के कार्यों एवं योजनाओं की विभागीय समीक्षा की। बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई। बैठक में राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग, तेलघानी विकास बोर्ड, लौ शिल्पकार विकास बोर्ड, रजककार विकास बोर्ड और चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं कसावट लाने के उददेश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा अनुरूप प्रदेश में 01 जनवरी 2026 से ई-ऑफिस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय एवं मुख्यालय स्तर पर इन निर्देशों का उचित क्रियान्वयन भी हो रहा है इसके माध्यम से जहां एक ओर प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं कसावट लाने में मदद मिल रही है वहीं दूसरी ओर कार्यों में अनावश्यक विलंब एवं लालफीताशाही भी दूर हो रही है। इसीलिए उन्होंने निर्देश दिए कि 1 जनवरी 2026 से समस्त आयोग-बोर्ड एवं निगम में ई-ऑफिस व्यवस्था को प्रारंभ किए जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आयोग-बोर्ड एवं निगम के विगत वर्ष 2022-2023, 2023-24 एवं 2024-25 के वार्षिक प्रतिवेदन की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली एवं निर्देश दिए कि प्रतिवेदनों को विभागीय वेबसाइट के ई-बुक में भी अपलोड किया जाए। साथ ही सभी प्रतिवेदनों में अच्छे फोटोग्राफ भी लगाए जाने चाहिए। इसके अलावा कुल प्राप्त बजट आवंटन प्रस्ताव एवं व्यय के संबंध में जानकारी ली गई।
आयोग-बोर्ड एवं निगम में विगत दो वर्षाे की उपलब्धि एवं 3 वर्षों की कार्य योजना की जानकारी भी ली गई। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए की सभी आयोग-निगम एवं मंडलों की नियमावली स्पष्ट होनी चाहिए। इसके अलावा ई-एचआरएमएस की डाटा एंट्री एवं क्रियान्वयन के अध्ययन स्थिति की समीक्षा की। बैठक में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सूची में जाति समावेशन-त्रुटि सुधार एवं अनुसंधान की अद्यतन स्थिति पर चर्चा एवं आयोग के पास कुल दर्ज प्रकरण, लंबित प्रकरण एवं निराकृत प्रकरणों की जानकारी ली गई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी समय-समय पर आयुक्त-बोर्ड एवं निगम का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, संचालक, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संयुक्त सचिव श्री बी.के. राजपूत, श्री अनुपम त्रिवेदी, उपायुक्त श्री प्रज्ञान सेठ सहित आयोग-बोर्ड एवं निगम के सचिव एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।



