A workshop was organized on the topic of market access development through e-marketplaces and digital marketing.
75 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जेम टीम ने दी खरीद से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

रायगढ़, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, महिला उद्यमियों, स्व-सहायता समूहों एवं पारंपरिक कारीगरों को डिजिटल साक्षरता, ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तथा बिजनेस डेवलपमेंट सर्विस प्रोवाइडर से जोड़कर उनके उत्पादों की बाजार पहुँच बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टोरेट के सृजन सभाकक्ष, रायगढ़ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। ‘ई-मार्केटप्लेस एवं डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से बाजार पहुँच विकास’ विषय पर आयोजित यह कार्यशाला भारत सरकार की रैम्प योजना के अंतर्गत संपन्न हुई।
कार्यशाला का शुभारंभ अपर कलेक्टर श्री रवि राही के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म, मार्केटिंग नेटवर्क और बीडीएसपी से जोड़कर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। ऐसी कार्यशालाएं उद्यमियों के लिए नए अवसर खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस रायपुर के वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री राकेश तिवारी ने जेम पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया, सरकारी निविदाओं में भागीदारी, उत्पाद कैटलॉग निर्माण तथा एमएसएमई इकाइयों को मिलने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र रायगढ़ की प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती अंजू नायक ने रैम्प योजना के अंतर्गत राज्यभर में संचालित गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उद्यमिता जागरूकता, निर्यात प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय पहुँच सहित विभिन्न पहलें संचालित की जा रही हैं, जिससे सूक्ष्म उद्यमों के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। कार्यशाला के दौरान संजीवनी मेडिकल स्टोर एवं हेराम्ब इंडस्ट्रीज का जेम पोर्टल पर सफलतापूर्वक पंजीकरण भी कराया गया। कार्यक्रम में श्री नरेन्द्र कुमार साहू, शशिभूषण पटेल, राहुल प्रधान, मोहनीश टोप्पो, प्रकाश लहरे सहित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र रायगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में लगभग 75 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें महिला उद्यमी, शासकीय विभागों के प्रतिनिधि तथा स्थानीय एमएसएमई इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल थे।



