Home Blog राज्य स्तरीय ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान में रायगढ़ को विशेष सम्मान

राज्य स्तरीय ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान में रायगढ़ को विशेष सम्मान

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Raigarh receives special recognition in the state-level ‘Nai Chetna 4.0’ gender campaign.

प्रबंधन सूचना प्रणाली के उत्कृष्ट क्रियान्वयन में राज्य में दर्ज की सर्वाधिक प्रविष्टि

Ro.No - 13672/140

महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल

रायगढ़, । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत संचालित जेंडर अभियान के प्रभावी और योजनाबद्ध क्रियान्वयन के लिए रायगढ़ जिले को राज्य स्तरीय ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान कार्यशाला में विशेष सम्मान से नवाजा गया है। यह उपलब्धि कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, जिला पंचायत तथा बिहान मिशन की टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

राज्य स्तरीय ‘नई चेतना 4.0’ जेंडर अभियान कार्यशाला का आयोजन सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स, रायपुर में किया गया, जहां रायगढ़ जिले को जेंडर अभियान की प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) का पूर्ण क्रियान्वयन करते हुए राज्य में सर्वाधिक प्रविष्टि दर्ज करने के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान जिले द्वारा समयबद्ध, सटीक और पारदर्शी सूचना प्रविष्टि के साथ-साथ जेंडर संवेदनशील कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रदान किया गया।
जिले की ओर से यह सम्मान एनआरएलएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अविक बासु, जेंडर मास्टर ट्रेनर श्रीमती मेनका सिदार एवं एफएनएचडब्ल्यू मास्टर ट्रेनर श्रीमती गीतमला दीदी ने सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स, रायपुर में उपस्थित होकर ग्रहण किया।

उल्लेखनीय है कि ‘नई चेतना 4.0’ एक माह की अवधि का राष्ट्रीय स्तर का विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा, समानता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करना है। यह अभियान दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार के 11 विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। अभियान के माध्यम से महिलाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम, जागरूकता, संस्थागत समन्वय और आजीविका सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। रायगढ़ जिले को यह सम्मान जिला प्रशासन, जिला पंचायत, बिहान मिशन की टीम, जेंडर मास्टर ट्रेनर्स तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वयं सहायता समूहों और कर्मचारियों के सुनियोजित प्रयास, बेहतर आपसी समन्वय और प्रभावी कार्यान्वयन के फलस्वरूप प्राप्त हुआ है।

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