Marathon review of development schemes in Raigarh: Minister in-charge Ramvichar Netam issued strict instructions to 13 departments.
समीक्षा बैठक में धान खरीदी, कृषि विविधीकरण और किसान आय वृद्धि पर विशेष फोकस

प्रधानमंत्री जनमन, आवास, पीएम सूर्यघर और रेडी-टू-ईट योजनाओं में तेज प्रगति के निर्देश
रायगढ़, रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री एवं राज्य शासन के कृषि तथा आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कलेक्टोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं कार्यक्रमों सहित तेरह महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की गहन एवं बिंदुवार समीक्षा की। प्रभारी मंत्री मंगलवार को जिले के एक दिवसीय प्रवास पर थे। समीक्षा बैठक में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने भी विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित विभागीय अधिकारी एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
धान खरीदी और कृषि क्षेत्र में व्यापक निर्देश
प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने राज्य शासन की सर्वाधिक प्राथमिकता में शामिल धान खरीदी योजना की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि वास्तविक किसानों को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने, टोकन प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन तथा भुगतान समयबद्ध करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिले से लगे पड़ोसी राज्यों की सीमाओं एवं प्रमुख मार्गों पर धान के अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री नेताम ने कहा कि रायगढ़ जिले की जलवायु बहुआयामी एवं नकदी फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल है। उन्होंने किसानों को उद्यानिकी, दलहन-तिलहन, सब्जी एवं नकदी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मखाना की खेती को जिले में संभावनाशील बताते हुए इस दिशा में पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ करने पर जोर दिया। साथ ही कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र को संयुक्त रूप से तिल एवं अरहर की खेती को बढ़ावा देने हेतु वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक योजनाएं बनाने के निर्देश दिए।
पशुधन, मत्स्य और वनांचल आधारित आजीविका पर जोर
पशुधन विकास विभाग, मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कुक्कुट पालन, बकरी पालन एवं मत्स्य पालन को किसानों की आय वृद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने इन योजनाओं से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने, प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वनांचल क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने के उद्देश्य से सूकर पालन को उनकी रुचि के अनुसार प्रोत्साहित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।
वन्यजीव संरक्षण और जनजागरूकता पर विशेष निर्देश
प्रभारी मंत्री श्री नेताम ने वनांचल क्षेत्रों में जंगली जानवरों के अवैध शिकार, विशेषकर बिजली करंट जैसे खतरनाक साधनों के उपयोग से होने वाली घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल वन्यजीवों के लिए घातक हैं, बल्कि कई बार जनहानि का कारण बनकर पीड़ित परिवारों को वर्षों पीछे धकेल देती हैं। उन्होंने वन विभाग, प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों को मिलकर जनजागरूकता अभियान चलाने, क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्रामीणों को समझाइश देने तथा सख्त निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



