In Raigarh, more than 18.33 lakh quintals of paddy have been procured so far.
किसानों के खाते में पहुँचा 386 करोड़, समयबद्ध भुगतान से किसानों में संतोष का वातावरण

अब तक कुल 140 प्रकरणों में 37 हजार 704.60 क्विंटल अवैध धान जब्त
उपार्जन केन्द्रों से 66605.3 मे.टन धान का हुआ उठाव
रायगढ़, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के किसान-हितैषी विजन और स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप रायगढ़ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान प्रभावी, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला प्रशासन किसानों को त्वरित सुविधा, समय पर भुगतान और व्यवस्था की पारदर्शिता सुनिश्चित करने लगातार सक्रिय है। जिले में 24 दिसंबर की स्थिति में अब तक 31 हजार 164 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर शासन की योजनाओं का लाभ उठाया है। अब तक जिले में कुल 18 लाख 33 हजार 628.80 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।
उपार्जन केन्द्रों में जाम की स्थिति निर्मित न हो इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा धान के उठाव कार्य भी तेजी से जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक कुल खरीदे गए धान में से 92882.6 मे.टन धान का डीओ जारी कर 66605.3 मे.टन धान का उठाव किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के एवज में किसानों को 38 हजार 657.08 लाख रुपए (लगभग 386.57 करोड़ रुपए) का भुगतान किया गया है। समयबद्ध भुगतान से किसानों में संतोष का वातावरण है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। जिले में अब तक 16 हजार 768 कृषकों द्वारा कुल 1 हजार 767.57 हेक्टेयर कृषि रकबा समर्पित किया गया है। यह प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है।
अवैध धान भंडारण व परिवहन पर सख्ती, सीमा क्षेत्रों में मैदानी अमला मुस्तैद
धान के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विशेष रूप से अंतरजिला एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में मैदानी अमला लगातार निगरानी कर रहा है। अब तक कुल 140 प्रकरणों में कार्यवाही करते हुए 37 हजार 704.60 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस सख्त कार्रवाई से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समर्थन मूल्य प्रणाली का दुरुपयोग न हो और वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिले। जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी अभियान की निरंतर समीक्षा की जा रही है, ताकि शेष किसानों को भी निर्बाध सुविधा, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।



