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मोबाइल ऐप से घर बैठे टोकन प्राप्त कर रहे किसान, समय और संसाधनों की हो रही बचत

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Farmers are obtaining tokens from the comfort of their homes using a mobile app, saving time and resources.

जिले के धान उपार्जन केंद्रों में किसान आसानी से बेच पा रहे हैं धान

Ro.No - 13672/140

24 घंटे ऑनलाइन ‘तुंहर टोकन’ व्यवस्था से धान विक्रय हुआ सरल, पारदर्शी और सुगम

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान हितैषी नीतियों से किसानों में उत्साह का माहौल

रायगढ़, सुबह की ठंड में जब किसान अपने धान से भरी बोरियाँ लेकर उपार्जन केंद्र पहुँच रहे हैं, तो उनके चेहरों पर अब हड़बड़ी नहीं, बल्कि संतोष और भरोसे की मुस्कान दिखाई दे रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य जिले में 15 नवंबर से पूरी तरह सुव्यवस्थित और किसान-अनुकूल रूप में संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
राज्य सरकार की अभिनव पहल ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप आधारित 24 घंटे ऑनलाइन टोकन व्यवस्था ने धान खरीदी प्रक्रिया को सरल ही नहीं, बल्कि भरोसेमंद भी बनाया है। अब किसान घर बैठे, किसी भी समय मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर रहे हैं और निर्धारित तिथि पर सीधे उपार्जन केंद्र पहुँचकर सहजता से अपना धान बेच पा रहे हैं। इससे न केवल किसानों का समय बच रहा है, बल्कि टोकन के लिए इधर-उधर भटकने और लंबी कतारों में खड़े रहने की मजबूरी भी खत्म हो गई है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के चलते उपार्जन केंद्रों में पहले जैसी भीड़भाड़ नहीं दिखती। किसान तय समय पर आते हैं, धान तौलते हैं और संतोष के साथ लौटते हैं। तकनीक आधारित इस व्यवस्था से धान खरीदी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और किसान-हितैषी बनी है।

जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में धान की खरीदी नियमित रूप से की जा रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए समर्थन मूल्य की दर सूची उपार्जन केंद्रों में प्रमुखता से प्रदर्शित की गई है। सुव्यवस्थित व्यवस्था और सतत निगरानी के कारण किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य समय पर मिल रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान हितैषी नीतियों का असर खेत-खलिहान से लेकर उपार्जन केंद्रों तक साफ नजर आ रहा है। ग्राम-कोड़ातराई के किसान श्री मायाराम साव बताते हैं कि वे चार एकड़ में खेती करते हैं और 50 क्विंटल धान बेचने समिति पहुँचे थे। पहले टोकन के लिए परेशान होना पड़ता था, लेकिन अब मोबाइल से ही सब हो जाता है। व्यवस्था अच्छी है, धान बेचने में कोई दिक्कत नहीं, उन्होंने संतोष के साथ कहा और शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य शासन द्वारा धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। भूमि धारिता के आधार पर किसानों को टोकन जारी किए जा रहे हैं-2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम दो टोकन तथा 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम तीन टोकन दिए जा रहे हैं। किसान उपार्जन केंद्र से या ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं टोकन प्राप्त कर सकते हैं, जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।

धान खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर एवं कॉल सेंटर सक्रिय है। इसके माध्यम से धान के अवैध परिवहन, भंडारण तथा बिचौलियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी की जा रही है। धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने किसानों से अपील की है कि वे उपार्जन केंद्र में धान लाने से पूर्व उसे अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, तथा टोकन, ऋण पुस्तिका और आधार कार्ड साथ रखें।

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