आत्मरक्षा, शारीरिक सुदृढ़ता और वैदिक संस्कारों से निखर रहा भविष्य
रायगढ़।
रायगढ़ जिले के एकमात्र आवासीय आर्य गुरुकुल आश्रम तुरंगा में गुरुकुलीय परंपरा का अनुकरण करते हुए प्रतिदिन नियमित हवन, संध्या और अध्ययन के साथ बच्चों का सर्वांगीण विकास निरंतर जारी है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शीतकालीन सत्र के अंतर्गत बच्चों एवं युवाओं के लिए “युवा चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास शिविर” का सफल आयोजन किया गया।
सात दिवसीय शिविर का आयोजन, अनुशासन और ऊर्जा से भरा वातावरण
आर्य प्रतिनिधि सभा की सहमति एवं आर्य वीर दल छत्तीसगढ़ प्रांत के मुखिया डॉ. रामकुमार पटेल के मार्गदर्शन में, आर्य गुरुकुल तुरंगा के संचालक आचार्य राकेश कुमार के अथक प्रयासों से यह सात दिवसीय शिविर 21 दिसंबर 2025 से 27 दिसंबर 2025 तक आयोजित हुआ।

राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों द्वारा आत्मरक्षा व व्यायाम प्रशिक्षण
शिविर में राष्ट्रीय स्तर के व्यायाम शिक्षक रूपेंद्र आर्य तथा उनके सहयोगी राजेंद्र आर्य एवं कार्तिक आर्य के कुशल नेतृत्व में बच्चों को नियमित शारीरिक व्यायाम के साथ-साथ लेजियम, डम्बल, लाठी, भाला, तलवार, मुक्केबाजी जैसी आत्मरक्षा की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इसके साथ ही बच्चों के बौद्धिक, नैतिक एवं चारित्रिक विकास हेतु प्रेरक बौद्धिक सत्र भी आयोजित किए गए।
समापन दिवस पर बच्चों ने किया अद्भुत प्रदर्शन
शिविर के समापन दिवस पर बच्चों द्वारा सीखी गई सभी विधाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित जनसमुदाय ने सराहना के साथ देखा।
मुख्य अतिथि ने की सराहना, भविष्य में सहभागिता का भरोसा
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानी मोहित सतपति ने आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, “इस प्रकार के शिविर अंचल के बच्चों को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और संस्कार प्रदान करते हैं।” अभिनव स्कूल के प्राचार्य अक्षय कुमार सतपति एवं शिक्षाविद सुधीर शर्मा ने आयोजन की भव्यता से प्रभावित होकर भविष्य में अपने-अपने विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को इस प्रकार के शिविरों में सम्मिलित करने की सहमति प्रदान की।
प्रतिभागी बच्चों को प्रशस्ति पत्र से किया गया सम्मानित
समापन अवसर पर शिविर में भाग लेने वाले सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे बच्चों का उत्साह और आत्मविश्वास और भी बढ़ा।
गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में आश्रम के वरिष्ठ सदस्य मनोरंजन साहू, ईश्वर गुप्ता,
सरपंच प्रतिनिधि विभूति प्रधान, आर्य वीर दल के कोषाध्यक्ष दुखनासन आर्य,
आस-पास के सरपंचगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।
आर्य वीर दल और आर्य समाज का उद्देश्य
आर्य वीर दल, आर्य समाज की युवा इकाई है, जिसका उद्देश्य समाज और आत्मरक्षा के लिए सर्वांगीण गुणों का विकास करना है। इसके लिए समय-समय पर शिविरों के माध्यम से कुशल नेतृत्व द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं आर्य समाज का मुख्य उद्देश्य संसार का उपकार करना, शारीरिक, आत्मिक एवं सामाजिक उन्नति, वेदों के सत्य ज्ञान का प्रचार, गरीबी एवं सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन तथा सभी को श्रेष्ठ आर्य बनाना है। आर्य समाज का आदर्श वाक्य “क्रिण्वन्तो विश्वम् आर्यम्” इसी भावना को प्रतिबिंबित करता है।
भविष्य की योजनाबद्ध तैयारी
कन्या गुरुकुल से वानप्रस्थ आश्रम तक तुरंगा में आर्य चतुर्भुज गुप्ता द्वारा प्रारंभ किए गए श्री श्री मल्लिका चतुर्भुज ट्रस्ट द्वारा संचालित इस गुरुकुल में भविष्य में कन्या गुरुकुल, निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था एवं वानप्रस्थ आश्रम की स्थापना की योजना है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आचार्य राकेश कुमार, मंत्री प्रहलाद आर्य, सदस्य घनश्याम पटेल सहित संस्था के सभी प्रतिनिधिगण सतत प्रयासरत हैं।
संस्कार, शौर्य और सेवा का संगम बना गुरुकुल तुरंगा
यह शिविर न केवल बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम बना, बल्कि संस्कार, अनुशासन, आत्मरक्षा और सेवा भावना के बीज बोने वाला एक प्रेरणास्रोत आयोजन सिद्ध हुआ, जिसने गुरुकुलीय परंपरा की प्रासंगिकता को एक बार फिर सशक्त रूप से स्थापित किया।



