The Mission Godh Abhiyan has been successful in the fight against malnutrition: Through public participation, 20 percent of children in the district have been freed from malnutrition.
रायपुर / बालोद जिला प्रशासन द्वारा गंभीर कुपोषित बच्चों को पौष्टिक भोजन समुचित उपलब्धता एवं उनके उचित देखभाल सुनिश्चित कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने हेतु शुरू की गई मिशन गोद अभियान बालोद के परिणामों ने सभी को चौंका दिया। बालोद जिले के गंभीर कुपोषित बच्चों में से 20.80 प्रतिशत बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिला दी गई है। यह अभियान जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं कारगर अभियान सिद्ध हुआ है।

जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान के अंतर्गत जिले के अति गंभीर कुपोषित बच्चों को समुचित पौष्टिक आहार एवं देखरेख के लिए समुचित राशि एवं अन्य जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु जिले के जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, समाजसेवी संगठनों तथा समाज के सभी वर्गों के लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि मिशन गोद के अंतर्गत क्षेत्रीय सांसद, जिले के तीनों विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित जिले के सभी गणमान्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा जिला प्रशासन के सभी आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी अधिकारियों को इन बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी दी थी।
अतिरिक्त आहार राशि के लिए 4.48 लाख रूपये से अधिक हुए जमा
बालोद जिले में 10 सितंबर से 10 दिसंबर तक जारी इस अभियान के अंतर्गत गोद लेने वाले सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन एवं अन्य जरूरी खाद्य सामग्रियों की उपलब्धता के लिए न्यूनतम 500 रूपये की राशि जमा की। जिसके फलस्वरूप कुपोषित बच्चों के लिए अतिरिक्त आहार राशि के लिए 04 लाख 48 हजार रूपये से अधिक की राशि प्राप्त हो चूका है।
जनप्रतिनिधियों ने 300 बच्चों को लिया गोद
उल्लेखनीय है कि 10 सितंबर से 10 दिसंबर तक जिले में 03 माह की समयावधि के लिए लागू इस अभियान के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों द्वारा कुल 300 गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लिया गया था। जिसमें से 53 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। इसी तरह जिला प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा कुल 184 बच्चों को गोद लिया गया है। इसमें से वर्तमान में 51 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। इसके अलावा जन सामान्य के द्वारा 180 बच्चों को गोद लिया गया हैै। जिसमें 36 बच्चे सामान्य श्रेणी में आ गए हैं। जिले में इन बच्चों की समुचित देखभाल एवं इनके लिए समुचित पौष्टिक आहार की व्यवस्था के फलस्वरूप बालोद जिले में गंभीर कुपोषित बच्चों की संख्या में आशातीत कमी आई है।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत मिले उल्लेखनीय सफलता की सराहना करते हुए इस अभियान को जिले के नवनिहालों को कुपोषण से मुक्ति प्रदान करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान बताया है। इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों सहित समाजसेवियों एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की ओर सभी का आभार जताया।



