यह दर्दनाक घटना अमरोहा जिले के मंडी धनोरा इलाके की है, घर में बैठ कर मोबाइल में रील देख रहा 10 वर्षीय छात्र बेहोश होकर गिर गया। स्वजन आनन-फानन में उसे चिकित्सक के यहां ले लए, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने भी उसे मृत घोषित कर दिया तो स्वजन ने घर लाकर बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया है। छात्र की मौत से स्वजन में कोहराम मचा हुआ है।
थाना क्षेत्र के गांव जुझैला चक में किसान दीपक कुमार का परिवार रहता है। परिवार में पत्नी पुष्पा देवी व दो बेटे मयंक व शिवम हैं। उनका 10 वर्षीय बड़ा बेटा मयंक पास के गांव कैसरा स्थित एक विद्यालय में कक्षा चार का छात्र था। शनिवार शाम लगभग पांच बजे वह घर में पलंग पर बैठकर मोबाइल में रील देख रहा था।इसी दौरान वह अचानक पीछे की ओर गिर पड़ा तथा बेहोश हो गया। स्वजन घबरा गए तथा तत्काल उसे पहले ग्राम कैसरा में निजी चिकित्सक को दिखाया तथा बाद में मंडी धनौरा के दूसरे निजी चिकित्सालय में ले गए। परंतु उस समय तक मयंक की मौत हो चुकी थी।

अस्पताल से शव घर लाया गया. गांव में खबर फैलते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई. हर कोई स्तब्ध था. इतनी कम उम्र में इस तरह की मौत ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया. परिजनों ने गहरे सदमे की हालत में बिना पोस्टमार्टम कराए ही बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया. पोस्टमार्टम न होने की वजह से यह साफ नहीं हो पाया कि बच्चे की मौत की असली वजह क्या थी. डॉक्टर की शुरुआती राय हार्ट अटैक की है. मयंक की मौत के बाद जुझैला चक गांव में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. कोई इसे मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडिएशन से जोड़ रहा है, तो कोई बच्चों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों को वजह मान रहा है. कुछ लोग कह रहे हैं कि ज्यादा देर तक मोबाइल देखने से बच्चे की तबीयत बिगड़ी, तो कुछ इसे अचानक आई प्राकृतिक मौत बता रहे हैं.



