The IDC meeting was held under the chairmanship of Forest Minister Kedar Kashyap.
रायपुर / वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति (आईडीसी) की 313 वीं बैठक नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अन्तर्विभागीय समिति (आईडीसी) की बैठक में तेन्दू पत्ता, इमली, सतावर, काजू के विक्रय से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को ज्यादा लाभ होगा और वनवासियों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में बेहतर आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा और वनवासियों की आजीविका के भी बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 312 वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की
बैठक में वर्ष 2025 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार किया गया। इसके अतिरिक्त बैठक में विभागीय मदों तथा जेएफएम (JFM) समितियों के माध्यम से पीपीपी (PPP) प्रक्रिया के अंतर्गत उपलब्ध निधि राशि से कराए गए रोपण कार्यों अकेशिया (Acacia), नीलगिरी सहित अन्य वन प्रजातियों के संबंध में किए गए रोपण, प्रबंधन एवं वैज्ञानिक एवं योजनाबद्ध दोहन के विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अग्रिम निविदा प्रक्रिया के माध्यम से खड़े वृक्षों का चयन किया जाएगा तथा विभागीय नियंत्रण में कटाई एवं दोहन कार्य कराया जाएगा। दोहन उपरांत अग्रिम निविदा के माध्यम से चयनित सफल बोलीदार को वनोपज का प्रत्यक्ष प्रदाय मौके पर ही किए जाने के संबंध में सहमति व्यक्त की गई। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू, सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद, कार्यकारी संचालक श्रीमती संजीता गुप्ता, मुख्य वन संरक्षक श्री एस जगदीशन सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



