Persons with disabilities are taking empowered steps towards self-reliance through self-employment schemes.
रायपुर / छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, रायपुर द्वारा संचालित स्वरोजगार प्रोत्साहन योजनाएं प्रदेश के दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। निगम द्वारा प्रदत्त ऋण एवं अनुदान सहायता से अनेक दिव्यांगजन सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय स्थापित कर सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर रहे हैं।

रायपुर जिले के ग्राम खेखरूट निवासी श्री महावीर यादव को वर्ष 2013 में कपड़ा व्यवसाय एवं सिलाई कार्य के लिए 80,750 रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया था। श्री यादव ने ऋण राशि को निर्धारित समय-सीमा में ब्याज सहित जमा किया तथा निगम की अनुदान योजना का भी लाभ लिया। वर्तमान में वे कपड़ा व्यवसाय एवं सिलाई कार्य के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 20,000 रुपए की आय अर्जित कर अपने परिवार का सफलतापूर्वक भरण-पोषण कर रहे हैं।
इसी प्रकार गरियाबंद जिले के ग्राम मोंडी (किंशवर रोड) निवासी श्रीमती सुनीता साहू को वर्ष 2025–26 में हर्बल साबुन एवं फिनाइल व्यवसाय के लिए 50,000 रुपए का ऋण प्रदान किया गया। इस सहायता से वे अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं और आत्मनिर्भर बनकर स्वयं एवं अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर रही हैं।
इन सफल उदाहरणों से स्पष्ट है कि समाज कल्याण विभाग और छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की योजनाएं दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के माध्यम से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवनयापन का अवसर प्रदान कर रही हैं।




