The Kisan Tumhar Token app has transformed the process of selling paddy, providing farmers in Karji with a convenient and transparent system.
रायपुर / जिले में धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी एवं डिजिटल व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में सुविधा मिल रही है। ग्राम पंचायत करजी के किसान देवेश्वर प्रसाद कुशवाहा ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि शासन द्वारा लागू किसान तुंहर टोकन ऐप ने धान बेचने की प्रक्रिया को सरल, सुगम और समय बचाने वाला बना दिया है।

किसान देवेश्वर प्रसाद ने बताया कि उनके पास 72 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने कहा कि अब घर बैठे मोबाइल के माध्यम से टोकन काटने की सुविधा मिल रही है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली से समिति में बार-बार आने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से टोकन कटते ही किसान निश्चित तिथि पर उपार्जन केन्द्र पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि करजी धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण किया गया तथा तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी प्रक्रिया सुव्यवस्थित होने के कारण धान विक्रय में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा समिति के कर्मचारी सहयोगात्मक भूमिका निभा रहे हैं।
किसान देवेश्वर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है, साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की जा रही है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन एवं सब्जी की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि हो रही है।
किसान ने धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि किसान हितैषी नीतियों के कारण अब प्रदेश का किसान आत्मनिर्भर और सशक्त बन रहा है।



