Raipur Literature Festival 2026: Digital media is not a challenge for literature, but an opportunity.
डिजिटल साहित्य:प्रकाशकों के लिए चुनौती पर सार्थक विमर्श

रायपुर / रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के अंतर्गत “आदि से अनादि तक” थीम पर आयोजित सत्रों की श्रृंखला में अनिरुद्ध नीरव मंडप में एक विचारोत्तेजक चर्चा सत्र संपन्न हुआ। “डिजिटल साहित्य : प्रकाशकों के लिए चुनौती” विषय पर केंद्रित इस सत्र में डिजिटल युग में साहित्य प्रकाशन की बदलती प्रकृति, संभावनाओं और चुनौतियों पर गंभीर विमर्श किया गया।
सत्र में प्रभात प्रकाशन, दिल्ली के प्रतिनिधि श्री प्रभात कुमार ने डिजिटल माध्यमों के प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि ई-बुक्स, ऑडियो बुक्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने साहित्य को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाने के नए अवसर प्रदान किए हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि डिजिटल परिवर्तन के चलते पारंपरिक प्रकाशन मॉडल को नई प्रतिस्पर्धा और संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सत्र के सूत्रधार डॉ. सुधीर शर्मा वैभव प्रकाशन, रायपुर ने डिजिटल तकनीक, कॉपीराइट संरक्षण, पाठकों की बदलती रुचियों और साहित्यिक गुणवत्ता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर संवाद को आगे बढ़ाया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल माध्यम को चुनौती नहीं, बल्कि अवसर के रूप में अपनाकर नवाचार के जरिए साहित्य प्रकाशन को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।



