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शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों की सोच को दी नई दिशा, अनुभवों से निखरा आत्मविश्वास और जिज्ञासा

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The educational trip gave a new direction to the students’ thinking, and their confidence and curiosity were enhanced through the experiences.

रायगढ़ के नन्हे वैज्ञानिकों की अंतर्राज्यीय उड़ान: राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत विशाखापट्टनम में विज्ञान, संस्कृति और तकनीक से साक्षात्कार

Ro.No - 13672/140

रायगढ़ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिजीत बाबन पठारे के मार्गदर्शन में, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. व्ही. राव एवं जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार के नेतृत्व में, एपीसी श्री अभय कुमार पांडेय जी के सहयोग से रायगढ़ जिले के विभिन्न विकासखंडों से चयनित प्रारंभिक स्तर के 10 एवं सेकेंडरी स्तर के 10 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत विशाखापट्टनम की अंतर्राज्यीय शैक्षणिक यात्रा की।यात्रा के शुरुवात से पहले जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार द्वारा विद्यार्थियों को पेन-पैड वितरित किए गए तथा सभी बच्चों को कैप पहनाकर शैक्षणिक भ्रमण के उद्देश्य, अनुशासन, सुरक्षा एवं टीम भावना के महत्व पर प्रेरक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विद्यार्थियों ने रायगढ़ से चांपा होते हुए विशाखापट्टनम एक्सप्रेस द्वारा यात्रा की। अनेक विद्यार्थियों के लिए यह पहली बार एसी कोच में लंबी दूरी की रेल यात्रा थी, जिसने उन्हें भारतीय रेल की सुविधाओं से परिचित कराया और सीखने के साथ रोमांच का अनूठा अनुभव प्रदान किया।विशाखापट्टनम पहुँचने पर विद्यार्थियों ने वातानुकूलित आवास में ठहराव के पश्चात अपने शैक्षणिक भ्रमण की शुरुआत सिंहाचलम मंदिर से की। भगवान वराह लक्ष्मी नरसिम्हा को समर्पित यह मंदिर कलिंग एवं द्रविड़ स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने रामानायडू फिल्म सिटी, ऋषिकोंडा बीच, इंदिरा गांधी जू लॉजिकल पार्क, कैलाशगिरी पार्क, ग्लास ब्रिज, टॉय ट्रेन एवं भगवान शिव की विशाल प्रतिमा का अवलोकन किया।आर.के. बीच क्षेत्र में विद्यार्थियों ने एशिया की पहली और विश्व की दूसरी पनडुब्बी संग्रहालय, TU-142 एयरक्राफ्ट म्यूजियम, सी हैरियर म्यूजियम तथा UH-3H हेलीकॉप्टर म्यूजियम का भ्रमण किया। पनडुब्बी के भीतर प्रवेश कर विद्यार्थियों ने उसके सातों कंपार्टमेंट्स को देखा और यह समझा कि किस प्रकार समुद्र के भीतर यह तकनीकी चमत्कार कार्य करता है। विशाखापट्टनम पोर्ट पर खड़े विशालकाय जहाज विद्यार्थियों के लिए विशेष जिज्ञासा का केंद्र रहे।इस पूरे शैक्षणिक भ्रमण के दौरान जिले से पुरुष स्काउट के रूप में व्याख्याता बीर सिंह एवं महिला स्काउट के रूप में व्याख्याता श्रीमती ज्योत्सना राजपूत द्वारा विद्यार्थियों का सतत एवं अनुशासित मार्गदर्शन किया गय एवं भ्रमण के दौरान स्काउट शिक्षक द्वारा सभी विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विद्यार्थियों को यह निर्देशित किया गया कि वे शैक्षणिक यात्रा के दौरान देखे गए प्रत्येक अनुभव—जैसे मंदिरों का दर्शन, विभिन्न म्यूजियमों का अवलोकन, सी बीच पर समुद्र स्नान का अनुभव, कैलाशगिरी एवं इंदिरा गांधी जू लॉजिकल पार्क में प्राप्त ज्ञान को गहराई से समझें और इन अनुभवों से सीख लेकर अपने जीवन में किस प्रकार सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं, इस पर चिंतन करें और अपने अनुभवों को शब्दों में ढालते हुए सफलता की कहानी के रूप में लिखने के लिए प्रेरित किया गया।

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