Collector takes action on the ground, crosses trails to reach farmers’ fields
नावापारा में सरसों फसल प्रदर्शन का लिया जायजा, किसानों से किया सीधा संवाद

डीएमएफ मद से तिलहन क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा, धान के स्थान पर फसल विविधीकरण पर जोर
रायगढ़, जिले में फसल विविधीकरण और तिलहन क्षेत्र विस्तार को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज विकासखंड खरसिया के ग्राम नावापारा (पूर्व) का दौरा किया। मैदानी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर पगडंडियों से होते हुए पैदल किसानों के खेत तक पहुंचे और सरसों फसल प्रदर्शन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। खेत में खड़ी फसल देखकर उन्होंने किसानों से संवाद किया और उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।
जिला खनिज संस्थान न्यास मद अंतर्गत जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में खरीफ 2025 में मूंगफली 510 हेक्टेयर एवं तिल 520 हेक्टेयर क्षेत्र में तथा रबी 2025-26 में सरसों 700 हेक्टेयर एवं सूर्यमुखी 200 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रदर्शन कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को निःशुल्क बीज एवं आवश्यक आदान सामग्री वितरित की गई है, जिससे जिले में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों के साथ जिले में धान का रकबा संतुलित करने तथा दलहन, तिलहन एवं मक्का फसलों के क्षेत्र विस्तार पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने तिलहन उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र में तेल मिल स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य संवर्धन और विपणन सुविधा मिल सके।
ग्राम नावापारा में आयोजित सरसों फसल प्रदर्शन को देखकर कलेक्टर ने किसानों की मेहनत एवं कृषि विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फसल विविधीकरण की दिशा में सतत मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और प्रोत्साहन जारी रखा जाए, ताकि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।
भ्रमण के दौरान कलेक्टर के साथ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खरसिया श्री प्रवीण तिवारी, उप संचालक कृषि रायगढ़ श्री अनिल वर्मा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी खरसिया श्री नीलाम्बर सिदार, कृषि विकास अधिकारी श्री नृपराज डनसेना तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी नावापारा श्री अनिल भगत उपस्थित रहे।



