पंच परिवर्तन के मंत्र के साथ समाज की प्रत्येक इकाई तक पहुंचने का संकल्प, सुनील आंबेकर होंगे मुख्य वक्ता*
रायगढ़।
“भारत माता की जय” के नियमित उद्घोष के साथ राष्ट्र जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने वाला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। सामान्यतः किसी भी राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक या औद्योगिक संगठन द्वारा एक वर्ष, रजत जयंती, स्वर्ण जयंती अथवा शताब्दी वर्ष पर भव्य उत्सवों का आयोजन किया जाता है, किंतु संघ ने इस ऐतिहासिक अवसर को समाज के बीच सार्थक संवाद और सकारात्मक परिवर्तन के रूप में मनाने का संकल्प लिया है।
संघ ने शताब्दी वर्ष में बड़े आयोजनों के स्थान पर छोटे-छोटे, समाज केंद्रित कार्यक्रमों के माध्यम से “पंच परिवर्तन” के मंत्र को राष्ट्रव्यापी स्तर पर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक जड़ों को और अधिक सशक्त करना तथा राष्ट्रीय एकता एवं संप्रभुता को दृढ़ बनाना है।

*18 फरवरी को नगर निगम ऑडिटोरियम में प्रमुख जन गोष्ठी*
इसी श्रृंखला में फरवरी माह में संपूर्ण भारतवर्ष में “प्रमुख जन गोष्ठी” का आयोजन किया जा रहा है। रायगढ़ में यह कार्यक्रम 18 फरवरी, बुधवार को शाम 4:00 बजे नगर निगम ऑडिटोरियम, पंजीरी प्लांट में आयोजित होगा।
इस गोष्ठी में रायगढ़ के विभिन्न समाजों के प्रमुख, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी एवं सदस्य, उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि, अधिवक्ता, डॉक्टर, शिक्षक, पूर्व सैनिक, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, सेवानिवृत्तजन, मीडिया प्रतिनिधि एवं बुद्धिजीवी वर्ग को आमंत्रित किया गया है।
*सुनील आंबेकर का विशेष उद्बोधन*
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुनील आंबेकर उपस्थित रहेंगे, जो वर्तमान में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख हैं। उनके विशेष उद्बोधन से उपस्थित अतिथियों को राष्ट्र निर्माण में सहभागिता और सामाजिक समरसता के विषय में मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
*वंदे मातरम् की 150वीं जयंती पर भव्य प्रदर्शनी*
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती के पावन अवसर पर 17 फरवरी से 22 फरवरी तक नगर निगम ऑडिटोरियम में एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में भारतीय कुटुंब व्यवस्था एवं पंच परिवर्तन की अवधारणा को आकर्षक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रदर्शनी का शुभारंभ 17 फरवरी, मंगलवार को शाम 5:00 बजे अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में किया जाएगा।
संघ के शताब्दी वर्ष के इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचकर सकारात्मक, संगठित एवं राष्ट्रहितकारी परिवर्तन का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।



