Home Blog शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सख्ती बढ़ी,फीस, पाठ्यपुस्तक और मान्यता संबंधी...

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सख्ती बढ़ी,फीस, पाठ्यपुस्तक और मान्यता संबंधी नियमों का अनिवार्य पालन. उल्लंघन की स्थिति में मान्यता समाप्ति की होगी कार्रवाई

0

The Right to Education Act has increased its strictness, requiring mandatory compliance with regulations regarding fees, textbooks, and accreditation. Violations will result in the cancellation of accreditation.

कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने ली अहम बैठक

Ro.No - 13672/140

रायगढ़, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने जिले के सभी अशासकीय विद्यालयों के संचालकों की बैठक लेकर दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राव ने कहा कि सभी निजी विद्यालय अपने यहां लागू गणवेश का नमूना विद्यालय परिसर में प्रदर्शित करेंगे। साथ ही सत्र 2026-27 में लागू पाठ्यक्रम की सूची भी सूचना पटल पर अनिवार्य रूप से चस्पा की जाएगी। इसके अतिरिक्त सूचना पटल पर यह स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा कि विद्यार्थी गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकें खुले बाजार से कहीं से भी खरीद सकते हैं। किसी भी विद्यार्थी या पालक को किसी विशेष दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि विद्यालयों द्वारा ली जाने वाली अधिसूचित फीस का मदवार विवरण सूचना पटल पर प्रदर्शित किया जाए। साथ ही विभागीय मान्यता एवं संबंधित बोर्ड की संबद्धता की प्रति भी सार्वजनिक रूप से लगाई जाए, ताकि पालकों को पूरी पारदर्शिता मिल सके।

डॉ. राव ने शिक्षा संहिता के अध्याय-6 की कंडिका 95 एवं 96 के अनुसार ही पाठ्यपुस्तकों का चयन करने के निर्देश दिए। चयनित पुस्तकों की सूची संबंधित बोर्ड से अनुमोदित कर सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के साथ उसकी एक प्रति जिला शिक्षा कार्यालय में जमा कराना भी अनिवार्य होगा। कंडिका 97 के तहत स्वीकृत पाठ्यपुस्तकों में परिवर्तन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कोई भी विद्यालय अपने नाम से कॉपी या किताबों का मुद्रण नहीं कराएगा और न ही किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य करेगा।

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी विद्यालय में नियमों के विपरीत स्थिति पाई जाती है तो संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार मान्यता समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संस्था की स्वयं की होगी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here