Ensure progress as per target in priority schemes of the government- Collector
पीएम आवास योजना में तेजी लाने और लंबित प्रकरणों पर सख्ती के निर्देश

औद्योगिक इकाइयों की सतत निगरानी व श्रमिक सुरक्षा पर विशेष जोर
कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक में योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की गहन समीक्षा
रायगढ़, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर विभागीय कार्यों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों के मैदानी क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह शासन की महत्वाकांक्षी योजना है और इसके क्रियान्वयन में गंभीरता आवश्यक है। जिन हितग्राहियों ने किश्त प्राप्त करने के बावजूद आवास निर्माण कार्य में रुचि नहीं दिखाई है, उनकी सूची संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में संचालित उद्योगों में बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं। ऐसे में औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी एसडीएम को समस्त औद्योगिक इकाइयों की सतत जांच एवं निगरानी करने तथा साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही नेटवर्क विहीन क्षेत्रों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि वहां मोबाइल टावर स्थापना की पहल की जा सके। कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड पंजीयन एवं पीवीसी कार्ड वितरण, नवीन आधार पंजीयन तथा सत्यापन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि जिन खातों में लंबे समय से लेन-देन नहीं हुआ है या जिनकी केवाईसी अद्यतन नहीं है, उनकी पहचान कर संबंधित बैंक शाखाओं के समन्वय से शीघ्र सक्रिय कराया जाए। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान भू-अभिलेख अद्यतीकरण, लैंड बैंक का भौतिक सत्यापन तथा राजस्व अभिलेख दुरुस्ती की प्रगति की जानकारी और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में भारत सरकार की प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना एवं एनपीएस ट्रेडर्स योजना के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीयन की भी समीक्षा की गई। पात्र श्रमिकों को अंशदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 3 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम पेंशन का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही जल संचय जनभागीदारी पोर्टल में प्रविष्टियों की स्थिति, पीएम किसान योजना अंतर्गत संदिग्ध प्रकरणों के सत्यापन कार्य, शासकीय उचित मूल्य दुकानों में अनियमितताओं पर की गई कार्रवाई तथा रेडी टू ईट निर्माण इकाइयों के उत्पादन एवं वितरण की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने जनदर्शन, पीजीएन एवं पीजी पोर्टल के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की और नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता पूर्ण निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए कहा कि योजनाओं की सफलता कर्मचारियों की निष्ठा, जवाबदेही और समर्पण पर निर्भर करती है। उन्होंनेे विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक माह की पहली तारीख को उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा एवं बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे, सहायक कलेक्टर श्री अक्षय डोसी, अपर कलेक्टर श्री रवि राही, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा, श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



