The Mahtari Vandan Yojana has secured Malti’s future: her sewing skills have gained new wings.
कभी आर्थिक तंगी से जूझ रही मालती अब समाज की अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

रायगढ़, महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया है, बल्कि उनके सपनों को नई उड़ान भरने का हौसला भी दिया है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी रायगढ़ के मोतीपारा वार्ड क्रमांक 40 की रहने वाली मालती देवांगन की है। वे लंबे समय से सिलाई का कार्य कर रही थीं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण उनका व्यवसाय आगे नहीं बढ़ पा रहा था। उनके पास केवल एक सिलाई मशीन थी और उससे होने वाली आय परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। संसाधनों की कमी उनके हुनर के आड़े आ रही थी। इसी दौरान महतारी वंदन योजना उनके जीवन में नई उम्मीद बनकर आई। योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता का मालती ने समझदारी से उपयोग किया। उन्होंने प्राप्त राशि को बचाकर अपने सिलाई व्यवसाय के विस्तार का निर्णय लिया।
मालती बताती हैं कि पहले उनके पास केवल एक पुरानी मशीन थी, लेकिन योजना से मिली राशि की मदद से उन्होंने दो नई सिलाई मशीनें खरीदीं। मशीनों की संख्या बढ़ने से उनके काम की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार आया। अब वे कम समय में अधिक कपड़े सिल पाती हैं, जिससे उनकी आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एक समय आर्थिक तंगी से जूझ रही मालती आज आत्मनिर्भर बनकर न केवल अपने परिवार का सहयोग कर रही हैं, बल्कि आसपास की महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए मालती देवांगन कहती हैं कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। अब उनकी आय पहले से अधिक हो गई है और वे अपने काम को आगे बढ़ाने का सपना देख पा रही हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस योजना ने हम जैसी महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है।



