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रायगढ़ में गूंजा अनुशासन का स्वर : संघ शिक्षा वर्ग के स्वयंसेवकों का भव्य पथ संचलन

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घोष की थाप, कदमों की ताल और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत रहा वातावरण*

रायगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघ शिक्षा वर्ग के अंतर्गत रविवार की शाम रायगढ़ की सड़कों पर अनुशासन, संगठन और राष्ट्र समर्पण का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। वैदिक इंटरनेशनल स्कूल, पटेलपाली में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग के प्रशिक्षणार्थी स्वयंसेवकों ने भव्य पथ संचलन निकालकर समाज के समक्ष संगठनात्मक शक्ति, सांस्कृतिक चेतना और अनुशासित जीवन का प्रेरक संदेश प्रस्तुत किया।
घोष की मधुर थाप और स्वयंसेवकों की एक समान कदमताल के साथ निकले इस संचलन ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। गणवेशधारी स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियों ने उपस्थित नागरिकों पर गहरी छाप छोड़ी। मार्ग के दोनों ओर खड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक पथ संचलन का स्वागत किया तथा अनेक स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया।
संघ शिक्षा वर्ग के इस पथ संचलन ने न केवल संगठन की कार्यशैली को समाज के सामने प्रस्तुत किया, बल्कि अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व के संदेश को भी प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाया।

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*छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 150 स्वयंसेवक*

संघ शिक्षा वर्ग में छत्तीसगढ़ प्रांत के विभिन्न जिलों एवं क्षेत्रों से आए लगभग 150 स्वयंसेवक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के इन स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में पथ संचलन में सहभागिता की। रविवार शाम 7 बजे प्रारंभ हुआ संचलन कोड़ातराई स्कूल मार्ग से होकर विभिन्न प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए पुनः वैदिक इंटरनेशनल स्कूल परिसर पहुंचकर संपन्न हुआ।
पथ संचलन के दौरान घोष वादन की लय और स्वयंसेवकों की अनुशासित गति ने संगठन की कार्यपद्धति तथा प्रशिक्षण की गंभीरता को प्रत्यक्ष रूप से प्रदर्शित किया।

*गर्मी में भी प्रशिक्षण के प्रति समर्पण*

संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने बताया कि संघ का मूल आधार अनुशासन, राष्ट्रनिष्ठा और समाज के प्रति समर्पण है। भीषण गर्मी के बावजूद स्वयंसेवक पूरे उत्साह और निष्ठा के साथ 15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में भाग ले रहे हैं। यह समर्पण संघ के संस्कारों और राष्ट्रसेवा की भावना को दर्शाता है।

*नेतृत्व निर्माण और व्यक्तित्व विकास का केंद्र है संघ शिक्षा वर्ग*

संघ शिक्षा वर्ग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रशिक्षण व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। इसका उद्देश्य स्वयंसेवकों में संगठनात्मक कौशल, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित के प्रति जागरूक दृष्टिकोण का विकास करना है।
प्रशिक्षण वर्ग में प्रतिभागियों का दैनिक कार्यक्रम प्रातः 4 बजे से प्रारंभ होकर देर शाम तक चलता है। इस दौरान शारीरिक प्रशिक्षण, योग, व्यायाम, शाखा संचालन, खेल, बौद्धिक सत्र तथा समूह चर्चा जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

*राष्ट्रीय विषयों और सामाजिक सरोकारों पर हो रही चर्चा*

वर्ग में संगठनात्मक सिद्धांतों के अध्ययन के साथ-साथ समकालीन राष्ट्रीय विषयों, सामाजिक चुनौतियों तथा समाज परिवर्तन से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की जा रही है। सामाजिक जागरूकता, सेवा कार्य, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास और नागरिक दायित्वों से संबंधित कार्यशालाएं भी प्रशिक्षण का हिस्सा हैं।

*नागरिकों ने किया आत्मीय स्वागत*

पथ संचलन के दौरान मार्ग में अनेक स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने स्वयंसेवकों का पुष्पवर्षा और पुष्प अर्पण कर स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोगों ने रुककर इस अनुशासित संचलन को देखा और स्वयंसेवकों के उत्साह एवं समर्पण की सराहना की।

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