छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। यहां एक दुकानदार ने चार महीने में 8 लोगों को जहर देकर मार डाला। 8 लोगों की जान लेने के लिए आरोपी दुकानदार ने बोरेक्स पाउडर यानी सुहागा का इस्तेमाल किया और 8 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। किसी को शक ना हो, इसके लिए आरोपी साइको किलर ने मृतकों के परिजनों की मदद की और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल रहा। अब पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी साइको किलर को गिरफ्तार कर लिया है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।
पकड़ा गया 8 मर्डर करने वाला साइको किलर

दरअसल, 6 जून 2026 को SDOP कसडोल को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों द्वारा फरवरी महीने से 14 मई तक गांव में 8 लोगों की संदेहास्पद मृत्यु होने के संबंध में आवेदन दिया गया, जिसमें उनके द्वारा गांव के ही व्यक्ति राम सहाय जायसवाल पर संदेह जताया गया था. वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्रारंभिक जांच शुरू की. प्रकरण में सभी 7 व्यक्तियों के शव निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा अस्पताल रायपुर भेजा गया. डाक्टरों की टीम के द्वारा रायपुर स्थित मेडिकोलिगल संस्थान में विशेष टीम के द्वारा पोस्ट मार्टम कराया गया और फारेंसिंक जांच के लिए सभी व्यक्तियों का DNA विसरा अन्य सेंपल प्रिजर्व किया गया है. मृतकों में एक बुधराम जायसवाल के शव का उनके परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था.
मामूली विवाद में बन गया हत्यारा
जांच के दौरान पुलिस के द्वारा प्रत्येक व्यक्तियों की मृत्यु संबंधित सूक्ष्मता से जांच की गयी. पुलिस की एक टीम जहां निरंतर ग्रामीण से पुछताछ कर सतत निगाह रखी हुई थी. वहीं इसके समानांतर दूसरी टीम इस घटना से संबंधित तकनीकी साक्ष्य जुटाने में प्रयास में लगी थी. इसी दौरान पुलिस टीम को जानकारी मिली की अभियुक्त ने गांव के किसी व्यक्ति से चूहा मारने की दवा के नाम पर जहर हासिल किया. संबंधित ग्रामीणों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त से पूछताछ की गई. शुरू में उसने इंकार किया, लेकिन बारीकी से पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया.
आरोपी ने अपने बयान में सभी मृतकों को पुरानी रंजीश, छोटी छोटी शिकायतें, गाली गालौज और चारित्रिक संदेह के साथ ही टोना-टोटका के चलते एक के बाद एक हत्या करना स्वीकार किया.
जानिए कैसे एक-एक कर 8 लोगों को दी ‘शराब वाली मौत’
आरोपी रामसहाय जायसवाल ने पूछताछ में कबूला कि उसने बेहद ठंडे दिमाग से रणनीति बनाकर हर एक हत्या को अंजाम दिया. उसका पैटर्न एक ही था. शिकार को बुलाना, दोस्ती जताना और शराब में सुहागा जहर मिलाकर पिला देना.
पहली हत्या: 6 फरवरी 2026 को आरोपी ने पहला शिकार बनाया बद्री को. दरअसल, बद्री अक्सर शराब पीने के लिए रामसहाय को परेशान करता था और गाली गलौज करता था. लिहाजा, रामसहाय ने उसे जहर वाली शराब पिलाकर रास्ते से हटा दिया.
दूसरी हत्या: 20 फरवरी 2026 को आरोपी ने दूसरा शिकार बुठालु को बनाया है. दरअसल, पिछले विधानसभा चुनाव के समय बुठालु का रामसहाय से विवाद हुआ था. आरोपी ने उसे भी शराब में सुहागा देकर मार डाला.
तीसरी हत्याः 12 मार्च 2026 को आरोपी ने अपने तीसरे शिकार के तौर पर छत्तु राम को मौत के घाट उतार दिया. आरोपी का आरोप है कि छत्तु राम उसकी पत्नी पर बुरी नियत रखता था. लिहाजा, बदला लेने के लिए उसे भी मौत की नींद सुला दिया.
चौथी हत्याः 20 मार्च 2026 को आरोपी ने अपने चौथे शिकार को भी मौत के घाट उतार दिया. जमीन की लेनदेन और सामाजिक विवाद के चलते आरोपी ने बुधराम को उसी पैटर्न से मार डाला.
5वीं हत्याः 31 मार्च 2026 को आरोपी ने विनोद कुमार को अपना 5वां शिकार बनाया. आरोपी का आरोप है कि विनोद कुमार के लगातार गाली गलौज करने से नाराज होकर उसे भी जहर दे दिया, जिसकी कसडोल अस्पताल में मौत हो गई.
छठी हत्याः 28 अप्रैल 2026 को ने गजानंद को अपना छठा शिकार बनाया. दरअसल, आरोपी को शक था कि गजानंद उस पर टोना टोटका करता है, जिसकी वजह से वह कर्ज मुक्त नहीं हो पा रहा है. लिहाजा, उसे भी जहर देकर मार दिया.
7वीं हत्याः 29 अप्रैल 2026 को आरोपी ने चैतूराम को अपना 7वां शिकार बनाया. आरोपी रामसहाय ने चैतूराम से 50,000 का कर्ज लिया था. ब्याज और मूलधन लौटाने से बचने के लिए उसने चैतूराम को ही रास्ते से हटा दिया.
8वीं हत्या:14 मई 2026 को आरोपी ने महेतरू राम को अपना 8वां और आखिरी शिकार बनाया. आरोपी ने उसे साल 2023 के चुनाव के समय हुए पुराने झगड़े और बीच-बीच में ताने मारने का बदला लेने के लिए महेतरू को अपना आठवां शिकार बनाया.
9वां प्रयास विफल: आरोपी ने 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक नाम के एक अन्य ग्रामीण को भी जहर वाली शराब पिला दी थी, लेकिन समय रहते इलाज मिलने की वजह से कार्तिक की जान बच गई.



