इंटरनेशनल डेस्क। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। देश के उत्तर-मध्य इलाके में महज 39 सेकंड के भीतर आए दो लगातार (ट्विन) शक्तिशाली भूकंपों ने चारों तरफ तबाही मचा दी है। इन जोरदार झटकों के कारण राजधानी काराकास सहित कई प्रांतों में भारी नुकसान की खबर है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस महाविनाश में अब तक 32 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 700 से अधिक नागरिक जख्मी हुए हैं। मलबे के फैलाव और संचार नेटवर्क ठप होने की वजह से हताहतों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।
39 सेकंड के अंतराल पर डोली धरती
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की रिपोर्ट के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र वेनेजुएला के याराकुई (Yaracuy) प्रांत के अंतर्गत आने वाले वेरोस इलाके में जमीन के भीतर था।

• पहला झटका: स्थानीय समय के मुताबिक शाम 06:04 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.2 आंकी गई।
• दूसरा झटका: पहले झटके के तुरंत बाद, महज 39 सेकंड के भीतर दूसरा और सबसे घातक झटका लगा। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.5 दर्ज की गई, जिसने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।
काराकास में जमींदोज हुईं कई गगनचुंबी इमारतें
भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि राजधानी काराकास के पॉश इलाकों जैसे अल्तामीरा और लॉस पालोस ग्रांडेस में कई बहुमंजिला इमारतें पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं। चश्मदीदों के मुताबिक, अल्तामीरा में स्थित एक 22 मंजिला आलीशान टावर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी काराकास की कई अन्य हाई-राइज बिल्डिंगों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
छुट्टी के दिन हुआ हादसा, मलबे में दबे हो सकते हैं सैकड़ों लोग
बता दें कि 24 जून को वेनेजुएला में ‘बैटल ऑफ काराबोबो’ के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय अवकाश था। सरकारी छुट्टी होने के कारण लोग अपने दफ्तरों में न होकर घरों पर ही मौजूद थे। यही वजह है कि मलबे के नीचे बहुत बड़ी संख्या में नागरिकों के दबे होने का अंदेशा जताया जा रहा है, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं।
देश में इमरजेंसी घोषित, इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद
हालात की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश भर में आपातकाल (State of Emergency) लागू कर दिया है। इसके साथ ही ला गुआरा रीजन को पूरी तरह आपदा ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
इस भीषण त्रासदी के चलते मुख्य सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे और बिल्डिंग को भारी क्षति पहुंची है, जिसके बाद एयरपोर्ट को उड़ानों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।



