रायगढ़/धरमजयगढ़
स्लग :- शासकीय वाहन से टायर चोरी मामला

एंकर :- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ नगर पंचायत से सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का मामला सामने आया है।

आरोप है कि नगर पंचायत की ट्रैक्टर-ट्रॉली का नया टायर निकालकर एक निजी ट्रॉली में लगा दिया गया, जबकि निजी ट्रॉली का पुराना टायर सरकारी ट्रॉली में फिट कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि टायर बदलने का काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि संबंधित निजी ट्रॉली नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार की है और उन्हें ऐसा करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि नगर पंचायत अध्यक्ष और सीएमओ ने इन आरोपों से अलग पक्ष रखा है। देखिए यह रिपोर्ट।

वीओ-1 धरमजयगढ़ नगर पंचायत में सरकारी ट्रैक्टर-ट्रॉली के टायर बदलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सरकारी ट्रॉली के नए टायर निकालकर एक निजी ट्रॉली में लगा दिए गए, जबकि निजी ट्रॉली के पुराने टायर सरकारी ट्रॉली में फिट कर दिए गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है शिकायतकर्ताओं के अनुसार, टायर बदलने का काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि संबंधित निजी ट्रॉली नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार की है और उन्हें इसी तरह टायर बदलने के निर्देश दिए गए थे। एक टायर बदल कर दूसरा टायर बदला जा रहा था तभी वीडियो वायरल होने के बाद दुबारा टायर को पुनः मूल रूप में लाया गया।
वीओ-3 नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार का कहना है कि नगर पंचायत की ट्रॉली लंबे समय से खड़ी थी। इसी दौरान उनकी निजी ट्रॉली भी पंचर सुधारने के लिए भेजी गई थी। उनका दावा है कि स्टाफ की गलतफहमी के कारण दोनों ट्रॉलियों के टायर बदल गए और इसमें किसी तरह की दुर्भावना या सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग की मंशा नहीं थी। उन्होंने टायर दुकान के मिस्त्री के बयान जिसमें बोला गया कि नगरपंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार द्वारा टायर बदलने के बयान को एक सिरे से नकार दिया।
वीओ-4 वहीं नगर पंचायत के सीएमओ प्रभाकर शुक्ला का कहना है कि यह घटना भूलवश हुई है। उनके अनुसार, अध्यक्ष की ट्रॉली भी वहीं थी, जिससे कर्मचारियों से गलती हो गई। सीएमओ का कहना है कि नगर पंचायत का सामान वापस मिल गया है, इसलिए इसे चोरी का मामला नहीं माना जा सकता।
फिलहाल मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि वायरल वीडियो, शिकायत और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है। वही नगर के लोगों का कहना की सीएमओ अध्यक्ष को राजनीतिक दबाव के कारण बचाना चाह रहे है
बाइट :- टायर दुकान संचालक
बाइट – अनिल सरकार, नगर पंचायत अध्यक्ष
(नगर पंचायत अध्यक्ष का पक्ष)
बाइट – प्रभाकर शुक्ला, सीएमओ, नगर पंचायत धरमजयगढ़
(सीएमओ का पक्ष)
बाइट – राधेश्याम राठिया ( लोकसभा सांसद रायगढ़)



