शिक्षा गुणवत्ता में रायगढ़ का ऐतिहासिक कीर्तिमान, पीजीआई 2.0 में पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान
रायगढ़, 13 जुलाई 2026/ परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई 2.0) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा विकसित विद्यालयी शिक्षा के मूल्यांकन की एक वैज्ञानिक प्रणाली है। इसके माध्यम से राज्यों एवं जिलों की शिक्षा व्यवस्था का आकलन विद्यार्थियों के सीखने के परिणाम, प्रभावी कक्षा संचालन, डिजिटल शिक्षा, विद्यालयी अधोसंरचना, शिक्षक उपलब्धता, समावेशी शिक्षा, शैक्षणिक प्रबंधन तथा विभिन्न शैक्षणिक संकेतकों के आधार पर किया जाता है। इसका उद्देश्य केवल रैंकिंग देना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सतत सुधार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करना है। इसी पीजीआई 2.0 में रायगढ़ जिले ने पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। जिले को कुल 600 में 329 अंक प्राप्त हुए हैं, जिसके आधार पर रायगढ़ को प्रचेष्टा-1 श्रेणी प्राप्त हुई है।
यह उपलब्धि किसी एक दिन का परिणाम नहीं, बल्कि पिछले दो वर्षों से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के दूरदर्शी नेतृत्व, शिक्षा सुधार के प्रति उनकी विशेष प्राथमिकता, नियमित समीक्षा एवं सतत मॉनिटरिंग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे के प्रभावी मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू, डीएमसी श्री आलोक स्वर्णकार के नेतृत्व में शिक्षा विभाग द्वारा सुनियोजित रणनीति, टीमवर्क और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली के साथ किए गए निरंतर प्रयासों का प्रतिफल है। पीजीआई 2.0 के अंतर्गत जिले का मूल्यांकन कुल 600 अंकों के आधार पर किया गया, जिसमें परख/राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के 180 अंक, प्रबंध पोर्टल के 10 अंक तथा यू-डाइस प्लस पोर्टल के 410 अंक निर्धारित हैं। प्राप्त अंकों के आधार पर जिलों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है। रायगढ़ ने 329 अंक अर्जित कर पूरे प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। विशेष रूप से सीखने के परिणाम, प्रभावी कक्षा संचालन, शैक्षणिक प्रबंधन एवं विद्यालयी प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण मानकों में जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
डिजिटल शिक्षा बनी सफलता का मजबूत आधार
पिछले दो वर्षों में जिले में डिजिटल शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई। डिजिटल शिक्षा का उद्देश्य सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षण उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, ई-कंटेंट, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तथा दीक्षा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया गया। शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के उपयोग के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया, जिससे कक्षाओं में तकनीक आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिला और विद्यार्थियों के सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

यू-डाइस पोर्टल पर विशेष फोकस बना उपलब्धि का आधार
पीजीआई 2.0 में सर्वाधिक 410 अंक यू-डाइस प्लस पोर्टल से निर्धारित हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिले के सभी विद्यालयों में समयबद्ध, शत-प्रतिशत एवं त्रुटिरहित डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति के साथ कार्य किया गया। नियमित समीक्षा, डेटा सत्यापन एवं तकनीकी मार्गदर्शन के कारण जिले का प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से बेहतर हुआ। भविष्य में भी यू-डाइस प्लस पर डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित कर जिले के अंकों में और वृद्धि करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, शैक्षणिक सीखने के स्तर का सतत मूल्यांकन, शिक्षक प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, समावेशी शिक्षा तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया गया। प्रत्येक पीजीआई संकेतक पर योजनाबद्ध ढंग से कार्य करते हुए शिक्षा विभाग की पूरी टीम ने उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित किए।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री श्यामानंद साहू ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता जिले के सभी प्राचार्यों, शिक्षकों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल समन्वयकों, पालकों, विद्यार्थियों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सभी शैक्षणिक पोर्टलों पर समयबद्ध एवं त्रुटिरहित जानकारी दर्ज कराने पर विशेष ध्यान दिया …



