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दिव्यांग बच्चों की जरूरतों का होगा बेहतर आकलन, सहायक सुविधाओं से जोड़ने की पहल तेज

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  • किरोड़ीमल नगर में विकासखंड स्तरीय दिव्यांग बच्चों के आकलन एवं आवश्यकता निर्धारण शिविर का              आयोजन
  • 75 बच्चों का हुआ पंजीयन, 35 बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श

रायगढ़, 18 जुलाई 2026 समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाने और दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षणिक, चिकित्सकीय एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकासखंड स्तरीय दिव्यांग बच्चों के आकलन एवं आवश्यकता निर्धारण शिविर का आयोजन प्राथमिक शाला (बालक), किरोड़ीमल नगर, विकासखंड रायगढ़ में किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने सहभागिता कर आवश्यक सेवाओं का लाभ उठाया। शिविर का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की क्षमताओं, आवश्यकताओं एवं समस्याओं की पहचान कर उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं, सहायक उपकरणों, चिकित्सकीय सेवाओं एवं विशेष शैक्षणिक सुविधाओं से जोड़ना रहा।
शिविर में जिला चिकित्सालय रायगढ़ से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक परामर्श प्रदान किया। चिकित्सकीय दल में ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल रहे। विशेषज्ञों द्वारा बच्चों की शारीरिक एवं चिकित्सकीय स्थिति का परीक्षण कर उनकी जरूरतों के अनुसार आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
शिविर में कुल 75 दिव्यांग बच्चों का पंजीयन किया गया, जिनमें से 35 बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद पात्र बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आवश्यक सुविधाओं एवं चिकित्सकीय परामर्श से लाभान्वित किया गया। साथ ही शेष बच्चों के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई, ताकि उन्हें भी समयबद्ध रूप से आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, प्राचार्य संकुल किरोड़ीमल नगर, संकुल समन्वयक, स्पेशल एजुकेटर श्री दीपक रात्र सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं विभिन्न संकुलों के समन्वयक उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के शिविर दिव्यांग बच्चों की वास्तविक आवश्यकताओं की पहचान करने का प्रभावी माध्यम हैं। इनके माध्यम से बच्चों को आवश्यक सहायक उपकरण, उपचार, पुनर्वास सेवाएं एवं शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। शिविर में अभिभावकों को भी बच्चों की देखभाल, उपचार, पुनर्वास एवं शिक्षा के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।उल्लेखनीय है कि विकासखंड स्तरीय दिव्यांग बच्चों के आकलन एवं आवश्यकता निर्धारण शिविर का अगला चरण 21 जुलाई 2026 को जतन केंद्र, रायगढ़ में आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में शेष पंजीकृत एवं चिन्हांकित बच्चों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक सेवाओं एवं सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।

Ro.No - 13848/144

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