- जिला पंचायत सीईओ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी विभागों के मैदानी अमलो को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले वार्ड पंचों का 15 अगस्त को होगा सम्मान

रायगढ़, 21 जुलाई 2026।राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशों तथा कलेक्टर के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले में “सुघ्घर छत्तीसगढ़” अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन प्रारंभ हो गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए आज जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने जिला पंचायत सभाकक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी जनपद पंचायतों, ग्राम पंचायतों एवं विभिन्न विभागों के जिला एवं मैदानी अधिकारियों की प्रशिक्षण सह कार्यशाला लेकर अभियान के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली एवं आगामी कार्ययोजना का विस्तार से जानकारी दी। अभियान के लिए अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश पटेल को जिला स्तरीय सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त कर आज की सम्पूर्ण कार्यशाला की जिम्मेदारी दी थी।

प्रशिक्षण सह कार्यशाला में सरपंच, उपसरपंच, पंच, पंचायत सचिव, पटवारी, प्रधान पाठक, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला पर्यवेक्षक, मितानिन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, तकनीकी सहायक, किसान मित्र, हैंडपंप मैकेनिक, व्हीएलई, राशन दुकान संचालक, ग्राम संगठन के पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के मैदानी अमले को अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने बताया कि “सुघ्घर छत्तीसगढ़” अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का त्वरित एवं प्रभावी लाभ पहुंचाना है। अभियान के अंतर्गत जिले के सभी ग्रामों में शासन की 31 व्यक्तिमूलक योजनाओं का सघन सर्वेक्षण एवं संतृप्तिकरण किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों से समन्वित रूप से कार्य करते हुए अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
श्री पठारे ने कहा कि अभियान केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पात्र हितग्राहियों की पहचान, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान के माध्यम से शासन के प्रति आम नागरिकों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम पंचायतों के वार्ड पंचों को जिला एवं जनपद स्तर पर स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। इससे जनप्रतिनिधियों एवं मैदानी अमले को बेहतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जा सकेगा।
प्रशिक्षण के दौरान अभियान के संचालन, हितग्राहियों के चिन्हांकन, विभागवार दायित्व, समीक्षा व्यवस्था एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को अभियान को शासन की प्राथमिकता के अनुरूप गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ संचालित करते हुए प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।



