● 30 अगस्त से 05 सितंबर 2026 तक अभियान के तीसरे सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होंगे संवादात्मक कार्यक्रम
● वरिष्ठ नागरिकों एवं आमजनों को पुलिस/CBI/ED अधिकारी बनकर की जाने वाली फर्जी कॉल, वीडियो कॉल धमकी और बैंकिंग फ्रॉड के प्रति किया जाएगा जागरूक
● ’जागरूकता की एक सेल्फी’ पहल के तहत QR कोड स्कैन कर आमजनों से अभियान से जुड़ने की अपील
सौरभ बरवाड़/भाटापारा-’साइबर अपराध मुक्त छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ का आज से तीसरा सप्ताह (30 अगस्त से 05 सितंबर 2026) प्रारंभ हो रहा है। इसके तहत बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक गौरव राय के कुशल निर्देशन में जिले भर के विभिन्न कस्बों, शहरी व ग्रामीण इलाकों में वरिष्ठ नागरिकों एवं आमजनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
तीसरे सप्ताह की मुख्य विषय-वस्तु: “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा”- अभियान के इस तीसरे चरण में विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और आम जनता को निम्नलिखित साइबर खतरों से बचाने के लिए संवादात्मक जागरूकता बैठकों का आयोजन किया जाएगा:

1. डिजिटल अरेस्ट व फर्जी अधिकारी कॉल: साइबर अपराधियों द्वारा पुलिस, सीबीआई (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), कस्टम्स या ट्राई (TRAI) का अधिकारी बनकर फोन/वीडियो कॉल के माध्यम से अवैध पार्सल, ड्रग्स या केस दर्ज होने का झूठा डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट करने के प्रयासों के प्रति सचेत करना।
2. बैंकिंग सुरक्षा व OTP की गोपनीयता: फोन या वीडियो कॉल पर धमकी देकर बैंकिंग जानकारी प्राप्त करने, ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन या एटीएम विवरण साझा करने के जोखिमों के बारे में विस्तार से बताना।
3. साइबर ठगी से बचाव के उपाय: किसी भी संदिग्ध नंबर, अनजान वीडियो कॉल या भयभीत करने वाले कॉल आने पर घबराने के बजाय सही कदम उठाने तथा पुलिस से संपर्क करने के लिए मार्गदर्शन देना।
”जागरूकता की एक सेल्फी” से जुड़ें:- बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अभियानों के दौरान पुलिस द्वारा जारी बैनर/पोस्टर पर उपलब्ध QR कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करें, अपनी “जागरूकता की एक सेल्फी” लें और इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर अपलोड कर ‘साइबर अपराध मुक्त छत्तीसगढ़’ के निर्माण में सहभागिता निभाएं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कानून प्रवर्तन एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।



