बाड़मेर के स्टार्क समूह ने कालबेलिया, घूमर सहित लोकनृत्यों से बांधा समां
रायगढ़, चक्रधर समारोह की रंगारंग संध्या में राजस्थान की लोक कला और संस्कृति के रंग देखने को मिले। बाड़मेर से आए स्टार्क सोसाइटी के कलाकारों ने कालबेलिया, घूमर/झूमर और अन्य लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति से दर्शकों का मन जीत लिया। राजस्थान की पारंपरिक लोकधुनों के साथ कलाकारों ने मंच पर अपनी कला का ऐसा रंग बिखेरा कि दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे। कालबेलिया नृत्य की लयबद्ध पदचाल और घूमती हुई गतियों ने खास आकर्षण पैदा किया। वहीं ‘निबूड़ा’, ‘अली बोलो’ और ‘दमादम मस्त कलंदर’ जैसे गीतों पर कलाकारों की प्रस्तुतियों ने माहौल को और खुशनुमा बना दिया। भवाई लोकनृत्य की प्रस्तुति ने भी दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर निगम के सभापति श्री डिग्रीलाल साहू ने राजस्थान से आए कलाकारों से मुलाकात कर उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की और उन्हें सम्मानित किया। स्टार्क समूह लोक कला एवं ग्रामीण संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहा है। दल के साथ गायक आसिन खान, हारमोनियम पर लतीफ खान और साइये खां, ढोलक पर भुट्टा खान, खड़ताल पर देवू खान, सारंगी पर हुसैन खान तथा कामायचा व ग्रुप लीडर दीन मोहम्मद ने संगत दी। नृत्य प्रस्तुतियों में हीरा, तनु, पूजा और प्रिया ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। राजस्थान की मिट्टी की खुशबू, लोकधुनों की मिठास और कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति ने चक्रधर समारोह की इस शाम को यादगार बना दिया।



