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जिले में मनरेगा मजदूरों का ई-केवाईसी अभियान तेज, तमनार ब्लॉक ने हासिल किया 100 प्रतिशत लक्ष्य

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E-KYC campaign for MNREGA workers intensifies in the district, Tamnar block achieves 100% target

97.40 प्रतिशत औसत प्रगति के साथ जिले के सभी ब्लॉक लक्ष्य के करीब

Ro.No - 13759/82

ई-केवाईसी से वंचित मजदूर जल्द कराएं प्रक्रिया पूरी

रायगढ़, रायगढ़ जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मजदूरों का ई-केवाईसी अभियान तेज गति से आगे बढ़ रहा है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा सभी सातों विकासखंडों में ग्राम पंचायत स्तर पर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और वास्तविक मजदूरों तक समय पर लाभ पहुंचाना है।

जिले में वर्तमान स्थिति के अनुसार सक्रिय मनरेगा मजदूरों का औसतन 97.40 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जो प्रशासन और नरेगा टीम की सक्रियता को दर्शाता है। इस अभियान में तमनार ब्लॉक ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 100 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा कर लिया है। कार्यक्रम अधिकारी श्री वीरेंद्र डनसेना के नेतृत्व और नरेगा स्टाफ के सतत प्रयासों से यह लक्ष्य हासिल किया गया, जिसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अन्य ब्लॉकों की प्रगति भी तेजी से आगे बढ़ रही है। धरमजयगढ़ में 98.16 प्रतिशत, खरसिया में 97.41 प्रतिशत, रायगढ़ में 99.33 प्रतिशत, पुसौर में 96.61 प्रतिशत, घरघोड़ा में 95.77 प्रतिशत तथा लैलूंगा में 95.41 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। अधिकांश ब्लॉक 95 प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुके हैं और जल्द ही शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल होने की संभावना है। सभी कार्यक्रम अधिकारी अपनी टीम के साथ मिशन मोड में काम कर रहे हैं ताकि कोई भी पात्र मजदूर इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।

यहां बताया गया कि इस योजना के तहत जिन मजदूरों का ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा, वे मनरेगा के तहत मजदूरी कार्य में दिक्कत आ सकती है, इसलिए सभी मजदूरों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपने ग्राम पंचायत या अधिकृत केंद्र में जाकर ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराएं। यह पहल ग्रामीण मजदूरों के हित में एक महत्वपूर्ण डिजिटल कदम मानी जा रही है। इससे योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और वास्तविक मजदूरों को समय पर रोजगार एवं भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।

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