Home Blog बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में दंतैल हाथी के हमले में एक ग्रामीण की...

बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में दंतैल हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मृत्यु, वन विभाग द्वारा हाई अलर्ट जारी

0

सौरभ बरवाड़/बलौदाबाजार- 25 मई 2026/बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र में एक दंतैल हाथी के हमले की घटना में एक ग्रामीण की मृत्यु हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की गई। मृतक के परिजनों को वन विभाग द्वारा तात्कालिक सहायता राशि 25,000 रुपए प्रदान की गई है तथा शासन के नियमानुसार आगे की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाएगी।

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 मई 2026 की रात्रि लगभग 8:30 से 9:00 बजे के बीच बारनवापारा अभयारण्य अंतर्गत ग्राम दोंद में ग्राम के ही जहरु राम नेताम (उम्र लगभग 55 वर्ष) की एक दंतैल हाथी के हमले की हमले में मृत्यु हो गई। दंतैल हाथी पिछले कुछ दिनों से मुरुमडीह क्षेत्र के आसपास लगातार विचरण कर रहा था तथा खेत-खलिहानों की ओर उसकी आवाजाही देखी जा रही थी। रविवार को हाथी ग्राम दोंद क्षेत्र की ओर पहुंचा, जिसके बाद वन विभाग की टीम, हाथी मित्र दल एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सतर्कता एवं समन्वय के साथ प्रयास करते हुए हाथी को आबादी वाले क्षेत्र से ट्रैक किया गया जिसके पश्चात् वह जंगल की ओर चला गया। घटना के बाद हाथी खलिहानों के रास्ते पहाड़ी क्षेत्र की ओर बढ़ गया, जिसकी वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।

Ro.No - 13759/82

हाथी की संभावित आवाजाही को देखते हुए वन विभाग द्वारा ग्राम मुड़पार, दोंद, सुरबाय, पांडादाह, गुढ़ागढ़, भिभौरी, बफरा, बार, हरदी सहित आसपास के सीमावर्ती गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। वन विभाग एवं हाथी मित्र दल द्वारा ग्रामीणों को सतत निगरानी, मुनादी एवं अलर्ट सिस्टम के माध्यम से हाथी की गतिविधियों की जानकारी लगातार दी जा रही है।

इस संबंध में वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार धम्मशील गणवीर ने कहा कि वन विभाग एवं हाथी मित्र दल द्वारा हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मुनादी एवं अलर्ट सिस्टम के माध्यम से लगातार ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सभी लोग सतर्क रहें, वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें हाथी दिखाई देने पर उसे किसी भी प्रकार से उकसाने या उसके पास जाने का प्रयास न करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग अथवा हाथी मित्र दल को सूचना दें।किसी भी स्थिति में अकेले जंगल या हाथी प्रभावित क्षेत्रों की ओर जाने से बचें, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोका जा सके।
क्रमांक /147

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here