तेजी से सूखे की ओर बढ़ रही सदानीरा शिवनाथ की दशा पर भी सुधिजनों द्वारा चर्चा
सौरभ बरवाड़/भाटापारा– सुविधा और सुरक्षा दो ऐसे महत्वपूर्ण पहलू हैं जिसका अभाव जन जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करता है,चूंकि भाटापारा मे इन दोनों पहलुओं पर अभाव के दर्शन हो रहे है और सदानीरा शिवनाथ की तेजी से सूखे की ओर बढ़ती स्थिति जहां आसन्न घोर पेयजल संकट की ओर इशारा करती हुई पेयजल जैसी सबसे अहम जरुरत एवं सुविधा के बाधित होने का संकेत देने के साथ ही राष्ट्रीय धरोहर तथा छत्तीसगढ की पहचान महत्वपूर्ण नदी के अस्तित्व पर भी चोट करती हुई प्रतीत हो रही है,वहीं स्वास्थ्य सेवा के महत्वपूर्ण प्रकल्प सिविल अस्पताल मे दिनों दिन हावी होती असुरक्षा की स्थिति भी नागरिकों को चिंता मे डालते हुई प्रतीत हो रही है,लिहाजा नगर के सुधिजनों द्वारा कलेक्टर कुलदीप शर्मा से मुलाकात कर परिस्थिति के निदान की मांग की गयी।

अस्पताल मे सुरक्षा गार्ड नियुक्ति की मांग
क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा का महत्वपूर्ण प्रकल्प सिविल अस्पताल जहां भाटापारा क्षेत्र ही नहीं वरन आसपास के जिलों का बड़ा सरोकार है,लेकिन सुविधाओं के मामले मे यहां अभाव के दृश्य उपस्थित होने के साथ ही रेफर की मजबूरी दिखाई देती है,लेकिन वर्तमान मे इस प्रकल्प मे सर्वाधिक चिंता का विषय बनी हुई है दिनों दिन बढ़ता असुरक्षा का वातावरण एवं परिक्षेत्र मे अवांछित तत्वों एवं नशाखोरों की आवाजाही तथा अप्रिय घटनाओं की बढ़ती बानगी, इन्ही परिस्थतियो के मद्देनजर नगर के सुधिजनों जिनमे मुकेश शर्मा,शंकरलाल सोनी, ललित तिवाड़ी मोनू मानिक प्रसाद दुबे गिरधर गोपाल शर्मा आदि द्वारा कलेक्टर कुलदीप शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए अस्पताल परिक्षेत्र मे दो सुरक्षा गार्ड नियुक्ति की मांग की गयी।
अतिशय दोहन पर रोक की मांग
सिविल अस्पताल मे असुरक्षा के बढ़ रहे संकट के मद्देनजर सुरक्षागार्ड की नियुक्ति की मांग के साथ ही सुधिजनों द्वारा ग्रीष्मकाल मे शिवनाथ मे तेजी से बढ़ती सूखे की स्थिति तथा अतिशय दोहन की परिस्थिति के मद्देनजर रोकथाम की मांग भी सुधिजनों द्वारा की गयी।
कलेक्टर द्वारा संवेदनापूर्वक संज्ञान
सिविल अस्पताल मे असुरक्षा की परिस्थिति तथा सुरक्षागार्ड नियुक्ति की मांग पर कलेक्टर द्वारा संवेदना पूर्वक संज्ञान लेते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गये जिससे संभावना है कि अस्पताल परिक्षेत्र मे जल्द ही सुरक्षागार्ड की नियुक्ति हो जाएगी, वहीं जल दोहन के संबंध मे उन्होने कहा कि जीवन के प्राकृतिक स्रोत शिवनाथ नदी के अस्तित्व को बरकरार रखने एवं विभिन्न माध्यमों से जल संचय संवर्द्धन को प्रोत्साहन देने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाया जायेगा एवं इसके लिये प्रशासन स्तर पर नियोजन व प्रयोजन का कार्य भी किया जायेगा ताकि जल संवर्धन को बल मिल सके एवं ग्रीष्मकालीन समय मे बडे पैमाने पर जल खीचने वाले धान के फसल ना लेकर अन्य फसल लेने हेतु किसानों को प्रेरित व प्रोत्साहित किया जायेगा एवं जिले मे बडे बडे संयंत्र स्थापित है जो नदी व अन्य प्राकृतिक स्रोत से पानी खीच रहे है उन्हें शासन के तय मापदंडों के पालन हेतु निर्देशित किया जायेगा इसके बावजूद प्रशासनिक आदेशों के अवहेलना करने वाले उपक्रमों पर आने वाले समय मे कडी कारवाई भी कि जायेगी, उक्त जानकारी मुकेश शर्मा के द्वारा दी गई l



