Safety of pregnant women is top priority – Collector Chaturvedi
मातृ मृत्यु रोकथाम पर कलेक्टर की सख्ती, स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में तीन विकासखण्डों की स्थिति पर विस्तार से गहन चर्चा

कलेक्टर ने प्री-एक्लेमसिया, संक्रमण और जोखिम गर्भावस्था पर विशेष निगरानी के दिए निर्देश
स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर
रायगढ़, रायगढ़ जिले में मातृ मृत्यु अनुपात में कमी लाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने मातृ–मृत्यु अंकेक्षण की समीक्षा बैठक ली।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य अमले से कहा कि मातृ–मृत्यु रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसलिए प्रत्येक जोखिम पहचान, त्वरित उपचार, सतत निगरानी और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने की दिशा में सभी अधिकारी–कर्मचारी गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं समन्वय को भी बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने समीक्षा बैठक में हाल ही में घटित मातृ मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण की बारीकी से जानकारी ली। इस दौरान संबंधित मरीज के परिजन, मितानिन तथा संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारियों से सीधे संवाद कर वास्तविक परिस्थितियों और कारणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गर्भावस्था पंजीयन के प्रथम दिन से ही गर्भवती माताओं की चार अनिवार्य जांच समय पर कराई जाए तथा प्रत्येक गर्भवती का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि गर्भवती महिलाओं की खान–पान आदतों, स्वास्थ्य शिक्षा, उच्च–जोखिम गर्भावस्था की पहचान एवं समय रहते उपचार पर विशेष जोर दिया जाए। जिन मरीजों की स्थिति गंभीर हो या जिन्हें उच्च स्तरीय संस्थान में रेफर किया जाए, उनके लिए रेफरिंग संस्था के अधिकारी–कर्मचारी अनिवार्य रूप से टेलीफोनिक फॉलोअप लें, ताकि समय पर आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने मातृ मृत्यु निगरानी एवं प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत बनाने तथा प्रत्येक प्रकरण की वैज्ञानिक समीक्षा कर सुधारात्मक कदम तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था से संबंधित संक्रमण, प्रसवोत्तर जटिलताएं, प्री–एक्लेमसिया, असुरक्षित गर्भपात, उच्च रक्तचाप तथा पूर्व विद्यमान बीमारियों की सक्रिय निगरानी ही मातृ मृत्यु दर में वास्तविक सुधार ला सकती है।
बैठक में विकासखण्ड घरघोड़ा, लैलूंगा एवं विजयनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से संबंधित चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्य अमले ने भाग लिया।
समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा, नोडल अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. भानूप्रताप पटेल तथा स्वास्थ्य विभाग के खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, खंड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारी, सेक्टर प्रभारी, सुपरवाइजर, एएनएम, मितानिन तथा संबंधित परिजन भी उपस्थित थे।



