नगरीय निकाय चुनाव में किए वादे अधूरे, महतारी वंदन से लेकर टैक्स छूट तक हर योजना में जनता से धोखा
यूजर्स चार्ज के साथ समेकित कर भी यानि एक ही जुर्म की दो बार सजा – नेता प्रतिपक्ष

समाधान योजना और टैक्स छूट के वादे अधूरे, दोहरे कर से बढ़ा आर्थिक बोझ—सलीम नियारिया का आरोप
रायगढ़। नगर पालिक निगम के नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए वादा खिलाफी और दोहरी नीति अपनाने वाली सरकार को नींद से जगाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद आम जनता को किसी भी योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार जनता से संपत्ति कर से कई गुना अधिक यूजर्स चार्ज (गुंडा टैक्स) के रूप में वसूल रही है। जिससे जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने आरोप लगाया कि नगरीय निकाय चुनाव के दौरान भाजपा ने शहर विकास, जनकल्याण और आर्थिक राहत को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज तक उन पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जनता अब पूछ रही है कि आखिर इन योजनाओं का लाभ कब मिलेगा । उन्होंने खासतौर पर प्रॉपर्टी टैक्स में छूट के मुद्दे पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भाजपा ने महिलाओं के नाम दर्ज संपत्तियों पर 25 प्रतिशत छूट देने का वादा किया था लेकिन जमीनी हकीकत में यह लागू नहीं है। इसी तरह 7 तारीख से पहले टैक्स जमा करने पर 10 प्रतिशत छूट का वादा किया गया था, जबकि केवल 6 प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह 7 तारीख किस महीने की है यह भी स्पष्ट नहीं किया गया। जो सीधे तौर पर जनता के साथ धोखा है।
महतारी वंदन योजना को लेकर सरकार को घेरा और कहा कि दो साल बीत जाने के बाद भी महतारी वंदन के नए फॉर्म नहीं भरवाए जा रहे है । नए फॉर्म नहीं भरवाए जाने से बड़ी संख्या में महतारी इस योजना के लाभ से वंचित है सरकार तत्काल नए फॉर्म भरवाए जाने हेतु आदेशित करे ताकि छूटी हुई सभी महतारियों को इस योजना का लाभ मिल सके। सरकार ने महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रु का प्रावधान रखा है लेकिन इसमें कितनी नई महतारियों को और लाभ मिलेगा इसकी कोई जानकारी नहीं दी है। प्रदेश की महिलाएं अपने आप को ठगा महसूस कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि समाधान योजना के तहत बिना ब्याज और जुर्माने के पुराने टैक्स निपटान की बात भी सिर्फ कागजों में सिमटकर रह गई है। यूजर चार्ज को कम करने के वादे पर भी सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि जनता पर उल्टा आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। आम जनता संपत्ति कर से कई गुना अधिक यूजर्स चार्ज देने को मजबूर है। जैसे 250 रु संपत्ति कर देने वाला व्यक्ति यूजर्स चार्ज के रूप में 840 रु का भुगतान कर रहा है यह टैक्स संपत्ति कर से भी ज्यादा है, जिसे किसी गुंडा टैक्स की तरह वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ही जुर्म के लिए दो बार सजा दी रही है। समेकित कर के रूप में सफाई का टैक्स भी लेती है और यूजर्स चार्ज के रूप में भी सफाई का टैक्स ले रही है। यही वजह है कि यूजर्स चार्ज को जनता पर गुंडा टैक्स के तौर पर वसूलने जैसा हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब जनता जाग चुकी है और पूछ रही है कि घोषणा पत्र में किए वायदों का लाभ कब तक मिलेगा। ट्रिपल इंजन की सरकार इसकी घोषणा कर जनता को लाभ पहुंचाये।



