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442 डिजिटल सेवाओं के साथ नागरिकों को मिल रही पारदर्शी और त्वरित सुविधाएं

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  • सेवा-सेतु से आसान हुआ आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाना
  • घर बैठे ऑनलाइन आवेदन, समय पर मिल रहे प्रमाण पत्र

रायगढ़, 17 जुलाई 2026 शासन की योजनाओं और सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, सुलभ एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाने की दिशा में सेवा-सेतु केन्द्र प्रभावी माध्यम बनकर उभरे हैं। पहले लोक सेवा केन्द्र के रूप में संचालित इन केन्द्रों को अब आधुनिक स्वरूप देते हुए सेवा-सेतु केन्द्र बनाया गया है, जहां पहले 73 शासकीय सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 442 डिजिटल सेवाएं कर दी गई है। इससे नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर ऑनलाइन माध्यम से आसानी से प्राप्त हो रही हैं।
सेवा-सेतु केन्द्रों के माध्यम से अब आय, जाति, निवास, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, खसरा-बी-1 की प्रतिलिपि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, श्रम पंजीयन, बिजली, पानी, राजस्व, पंचायत, नगरीय प्रशासन, खाद्य, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अनेक विभागों की सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिल रहा है। इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और उनका समय तथा धन दोनों की बचत हो रही है।

आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाना हुआ पहले से कहीं अधिक आसान

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पहले आय, जाति अथवा निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नागरिकों को आवेदन जमा करने, दस्तावेजों की जांच कराने और प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कई बार कार्यालय जाना पड़ता था। अब सेवा-सेतु केन्द्रों के माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। आवेदक आवश्यक दस्तावेजों के साथ निकटतम सेवा-सेतु केन्द्र में आवेदन करता है, जिसके बाद आवेदन संबंधित विभाग तक ऑनलाइन पहुंच जाता है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन होने के बाद प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी होने से नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

रायगढ़ में बड़ी संख्या में जारी हो रहे प्रमाण पत्र

रायगढ़ जिले में भी सेवा-सेतु केन्द्रों के माध्यम से बड़ी संख्या में नागरिकों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। हाल के दिनों में रायगढ़ तहसील के विभिन्न सेवा-सेतु केन्द्रों के माध्यम से राजपाल सिदार, गिरधारी सिदार, मुकेश कुमार विशाल तथा टेकचंद उरांव सहित अनेक आवेदकों को समय-सीमा के भीतर प्रमाण पत्र जारी किए गए। आवेदनों का ऑनलाइन पंजीयन, दस्तावेजों का सत्यापन तथा प्रमाण पत्र का निर्गमन पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के तहत किया गया। इसी प्रकार प्रतिदिन जिले के विभिन्न सेवा-सेतु केन्द्रों में बड़ी संख्या में नागरिक शासकीय सेवाओं के लिए आवेदन कर रहे हैं और निर्धारित समयावधि में सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इससे शासन की डिजिटल सेवा प्रणाली के प्रति लोगों का विश्वास भी लगातार बढ़ रहा है।

डिजिटल ट्रैकिंग से बढ़ी पारदर्शिता

सेवा-सेतु केन्द्रों के माध्यम से किए गए प्रत्येक आवेदन का ऑनलाइन पंजीयन होता है, जिससे उसकी डिजिटल ट्रैकिंग संभव होती है। आवेदक आवेदन की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकता है। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है और सेवा प्रदान करने में जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है। समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था से नागरिकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

डिजिटल सुशासन को मिल रही नई मजबूती

राज्य शासन का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को नागरिकों के द्वार तक सरल और पारदर्शी रूप में पहुंचाना है। सेवा-सेतु केन्द्र इसी सोच को साकार कर रहे हैं। 442 सेवाओं के एकीकृत मंच के रूप में विकसित ये केन्द्र ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों के लिए सुविधा का मजबूत माध्यम बन गए हैं। सेवा-सेतु केन्द्रों के विस्तार से न केवल लोगों का समय और धन बच रहा है, बल्कि डिजिटल सुशासन को भी नई मजबूती मिल रही है। शासन की यह पहल नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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