Big twist in Mahadev app case, accused retracted his statement

छत्तीसगढ़ को सट्टे के शिकंजे में जकड़ने में ऑनलाइन महादेव एप का बहुत बड़ा हाथ है । इस मामले में जहां राज्य सरकार ने कदम उठाते हुए सैंकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया था , वहीं केंद्र सरकार की एजेंसी ई डी ने भी कार्रवाई की है । प्रदेश विधानसभा चुनाव के एन पहले उस वक्त सनसनी फ़ैल गई, जब ई डी ने एक व्यक्ति को उस गाड़ी सहित गिरफ्तार कर लिया जिसमें करोड़ों रुपए थे । उस समय गाड़ी ड्राइवर ने बयान दिया था कि वे रुपए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल को पहुंचाने थे ।
अब ड्राइवर असीम दास ने अपने उस बयान को वापस ले लिया है । दास ने अदालत को पत्र लिखकर कहा है कि उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है. ईडी ने उससे अंग्रेजी में लिखे बयान पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया, जिस भाषा को वह नहीं समझता ।
इसके बाद अब कांग्रेस पार्टी ने ईडी पर सरकार को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. साथ ही सीएम बघेल ने भी आरोपों से इनकार किया है और बीजेपी और ईडी पर साजिश का आरोप लगाया है. दरअसल, ईडी ने जुलाई 2022 में धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले की जांच शुरू की, जिसमें दावा किया गया कि ऐप के प्रमोटर- जिनकी पहचान सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के रूप में हुई है, वो विदेश में बैठकर इस अवैध सट्टेबाजी ऐप का संचालन करते हैं.
इस अवैध सट्टेबाजी ऐप के जरिए वो हजारों करोड़ रुपये की अर्जित करते हैं. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण से चार दिन पहले तीन नवंबर को, ईडी ने इस मामले में दास और एक कांस्टेबल, भीम सिंह यादव (41) को गिरफ्तार किया और दास की कार से कथित तौर पर 5.39 करोड़ रुपये जब्त किए. ईडी के अनुसार, दास ने कहा कि वह, एक अन्य आरोपी शुभम सोनी के निर्देश पर, चुनावी फंडिंग के लिए भारतीय कांग्रेस पार्टी के राजनेताओं को पैसा पहुंचाने के लिए रायपुर आया था.
वहीं ईडी ने इस मामले में अदालत को बताया कि दास ने पूछताछ में स्वीकार किया कि यह राशि सत्तारूढ़ राजनीतिक अधिकारियों को पहुंचाई जानी थी. उसने पूछताछ में बताया था कि सीएम भूपेश बघेल तक भी कैश पहुंचा था. हालांकि, दास अब अपने बयान इस मुकर गया है. उसने कहा है कि उसे अब एहसास हो रहा है कि उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है. उसने कहा कि वो यह स्पष्ट कर देना चाहता है कि उसने कभी भी सीएम बघेल, विनोद वर्मा या किसी अन्य कांग्रेस पार्टी के नेता या कार्यकर्ता को कोई पैसा नहीं पहुंचाया है. असीम दास के अपने बयान से मुकरने के बाद अब कांग्रेस पार्टी ने हमलावर रुख अख्तियार कर लिया है । वह अब इसे ई डी की साजिश करार दे रही है ताकि राज्य की कांग्रेस सरकार को बदनाम किया जा सके ।



