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भीषण गर्मी में छात्र स्कूल जाने पर विवश अभिभावक भी हो रहे परेशान : प्रकाश निगानिया

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Parents are also getting upset as students are forced to go to school in the scorching heat: Prakash Niganiya

बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए तत्काल ग्रीष्मकालीन अवकाश होना अति आवश्यक

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रायगढ़  : इन दिनों सूरज जब आग बरसाने लगा है। पारा 45℃ है और लू के थपेड़े चेहरे झुलसाने लगे हैं। लोगों का सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में सबसे बड़ी दिक्कत स्कूली छात्र-छात्राओं को हो रही है। इस समय जब तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है, तो बच्चों के हित में जल्द ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा एक जिम्मेदार कदम साबित हो सकता है। सरकार और शिक्षा विभाग को मिलकर एक ऐसा फैसला लेना चाहिए जो छात्रों की पढ़ाई को नुकसान पहुंचाए बिना उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे।

युवा सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश निगानिया ने इस गंभीर विषय को सोशल मीडिया पर उठाते हुए शासन और प्रशासन से अपील की है कि बच्चो जे स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल कोई ठोस कदम उठाया जाना चईये। उन्होंने कहा 45 डिग्री से ऊपर तापमान में स्कूल जाना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरे से खाली नहीं है। अत्यधिक गर्मी में कक्षा में बैठकर पढ़ाई करना बच्चों की एकाग्रता पर असर डालता है और हीट स्ट्रोक जैसे खतरे भी बढ़ जाते हैं। ऐसे हालात में तत्काल छुट्टी की घोषणा होनी। छात्र और अभिभावक इस फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शिक्षकों को भी उम्मीद है कि प्रशासन जल्द से जल्द स्थिति का जायजा लेकर ठोस कदम उठाएगा, ताकि बच्चों को गर्मी के थपेड़ों से राहत मिल सके। श्री निगानिया ने छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन से निवेदन करते हुए तत्काल स्कूलों की छुट्टी घोषित करने का निवेदन किया।

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